रवलीन कौर, चंडीगढ़
पंजाब के खाने की बात हो और साग की बात न की जाए तो कुछ मजा नहीं आएगा। यूं तो सभी जानते हैं कि साग सरसों का बनता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चने का साग भी बनता है।
सर्दियों की रात में चने के साग के साथ गेहूं, मक्का या बाजरे की रोटी खाई जाए तो खाने का मजा ही आ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि सिर्फ चने का यह साग बनता कैसे है? आइए जानते हैं चंडीगढ़ की रवलीन से-
चने का साग चने के हरे पत्तों से बनाया जाता है। चने के पौधे जब बड़े हो जाते हैं फूल आने से पहले, तब उन पौधों को ऊपर से थोड़ा-थोड़ा तोड़ लिया जाता है और इन तोड़े हुए हरे पत्तों से चने की भाजी बनाई जाती है। इस तरह तोड़ने से पौधे को भी लाभ होता है। वह और घना हो जाता है और ज्यादा फलता है।
आवश्यक सामग्रीः
चने की भाजी - 250 ग्राम
मक्का या बाजरे का आटा - 2 टेबल स्पून
हरी मिर्च - 2-3
अदरक - 1 इंच लम्बा टुकड़ा (1 छोटी चम्मच पेस्ट)
टमाटर -2
तेल या घी - 1 टेबल स्पून
हींग - 1-2 पिंच
जीरा - आधा छोटी चम्मच
नमक - स्वादानुसार ( 3/4 छोटी चम्मच)
लाल मिर्च - 1/4 छोटी चम्मच से कम
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच
विधि-
चने की भाजी को साफ कीजिये, बड़ी डंडियों को हटा दीजिये, मुलायम पत्तों को सब्जी के लिये तोड़ कर अलग कर लीजिये।
पत्त्तों को साफ पानी से 2 बार धो कर थाली में रखिये, और थाली को तिरछा रख कर अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये. इन पत्तों को अब बारीक कतर लीजिये।
हरी मिर्च के डंठल तोड़िये, धोइये और बारीक कतर लीजिये। अदरक छीलिये, धोइये और बारीक कतर लीजिये। टमाटर भी धोकर बारीक कतर लीजिये।
कतरी हुई भाजी और एक कप पानी भगोने या पतीले में डाल कर गैस फ्लेम पर रखिये, भाजी के मुलायम होने पर, मक्के या बाजरे के आटे को एक कप पानी में घोलिये (गुठले नहीं रहने चाहिये) और भाजी में डाल कर मिलाइये।
सब्जी गाड़ी होने पर पानी और मिलाया जा सकता है, नमक और लाल मिर्च भी मिला दीजिये, सब्जी में उबाल आने तक चमचे से चलाते रहिये।
उबाल आने के बाद सब्जी को धीमी गैस फ्लेम पर 8-10 मिनिट पकाइये।
किसी छोटी कढ़ाई में घी या तेल डालकर गरम कीजिये, गरम घी में हींग जीरा डालकर त्ड़का लगाईये, हरी मिर्च, अदरक और टमाटर डालकर मसाले को भूनिये अब टमाटर के नरम होने तक पकाइये और इस मसाले को पकी हुई भाजी में मिला दीजिये। सब्जी में गरम मसाला डालकर मिलाइये।
चने की भाजी बन कर तैयार हो गई है, गरमा गरमा चने की भाजी को मक्का की रोटी या बाजरा की रोटी के साथ परोसिये और खाइये, स्वाद बड़ाने के लिये साथ में गुड़ भी रखिये।