सर्जिकल स्ट्राइक के दिन भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण गलती से पाकिस्तान नही गया था, बल्कि अपने कमांडर से नाराज होकर पाकिस्तान गया था। चंदू की क्या कमांडर से नाराजगी थी, इसकी जांच के आदेश रक्षा मंत्रालय ने दिए हैं।
खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि चंदू राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात था। पुंज सेक्टर में तैनात पुणे का चंदू 30 सिंतबर 2016 को पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। उसकी रिहाई को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच लंबी बातचीत के बाद उसे बीते 21 जनवरी को पाकिस्तान से अटारी बार्डर के रास्ते उसे रिहा किया गया था। रिहाई के बाद चंदू को अमृतसर के किसी खास स्थान पर रखकर पूछताछ की गई थी, उसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया था।
कमांडर से नराज होकर चंदू गया था पाकिस्तान!
- फोटो : File Photo
चंदू बाबूलाल चव्हाण की कमांडर से क्या नाराजगी थी, इसका उत्तर जांच में ढूंढा जा रहा है वहीं चंदू को इस मामले में चार्जशीट भी किया जा सकता है। चंदू को कोर्टमार्शल से गुजरना पड़ सकता है।
चंदू कितने दिन पाकिस्तान में कहां-कहां रहा, कहीं उससे पाकिस्तान सैनिकों ने डरा धमका कर या किसी भी तरह कोई राज तो नही उगलवा लिए इस बारे में भी अभी जांच चल रही है। फिलहाल चंदू को खास निगरानी में तब तक रखा जाएगा जब तक उसके केस की जांच पूरी नही हो जाती। अगर उसे घर जाने की इजाजत मिलेगी तो उसके लिए कुछ शर्तें होंगी जो चंदू और उसके परिवार को माननी होगी।
रक्षा मंत्रालय ने मामले में दिए जांच के आदेश
- फोटो : फाइल फोटो
फिलहाल चंदू का कमांडर से नाराज होकर पाकिस्तान चले जाना यह बड़ा मामला है, सच व झूठ के बीच राष्ट्रीय राइफल्स में जांच के दायरे में आ गया है। चंदू के पाकिस्तान जाते ही डीजीएमओ(सैन्य अभियान महानिदेशक) ने रक्षा मंत्रालय को बताया था कि 30 सितंबर को 37 राष्ट्रीय रायफल्स के जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण गलती से नियंत्रण रेखा पार कर गए थे।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिक के परिवार को फोन कॉल कर उसकी रिहाई के लिए पूरी कोशिशें किए जाने को लेकर आश्वस्त किया था। चव्हाण के साथ हुई घटना की खबर सुनकर उसकी दादी की सदमें से मौत हो गई थी। चंदू की पाकिस्तान से रिहाई को लेकर खुफिया विभाग जहां चंदू से गहन पूछताछ करने के बाद रिपोर्ट रक्षा व गृहमंत्रालय को भेजी गई थी।