चंडीगढ़। साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए चंडीगढ़ साहित्य अकादमी से अवार्ड ऑफ रिकॉग्निशन प्राप्त प्रसिद्ध साहित्यकार, चंडीगढ़ के पहले नायक, जाने-माने रंगकर्मी, अभिव्यक्ति साहित्य संस्था के मार्ग दर्शक और अभिनेता थिएटर ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कैलाश आहलूवालिया का शनिवार को एक अस्पताल में निधन हो गया। वे कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनका अंतिम संस्कार सेक्टर- 25 के श्मशान घाट पर किया गया। इस मौके पर कई साहित्यकार भी उपस्थित रहे। उनमें अमर जीत अमर, अलका कांसरा, परमजीत सोनी के अलावा बड़ी संख्या में साहित्यकार और चाहने वाले थे। वे अपने पीछे पत्नी, बेटा और बेटी छोड़ गए हैं। अभिव्यक्ति के संयोजक विजय कपूर ने कहा कि यह सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। आहलूवालिया का जन्म संयुक्त पंजाब में डुहक नामक कस्बे में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी और हिंदी में लगभग तीस पुस्तकों की रचना की। उन्होंने 11 नाटकों की रचना की और 60 से ऊपर नाटकों का निर्देशन किया। 1954 में चंडीगढ़ के पहले नाटक कोणार्क में नायक की भूमिका कर चंडीगढ़ के पहले नायक कहलाए। डॉ. अहलुवालिया अनुपम खेर के एकेडमिक्स और थिएटर के पहले गुरु थे। पंजाबी लेखक सभा चंडीगढ़ के अध्यक्ष बलकार सिद्धू और महासचिव भूपिंदर सिंह मलिक ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।