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Chandigarh News: आप पर तंवर का निशाना बोले- 2024 में धोखेबाजों को सबक सिखाएगी जनता

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कई समर्थकों ने भी नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता हासिल की
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी से दो दिन पहले इस्तीफा देने वाले अशोक तंवर शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तंवर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा। इस दौरान तंवर के कई समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। बाद में उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
पार्टी की सदस्यता हासिल करने के बाद उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि वह 22 जनवरी को राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह से पहले भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में देश बदल गया है। पीएम जो भी गारंटी देते हैं, वह उसे पूरा करते हैं। उन्होंने इशारों में आप पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुत से लोगों को देखा है, जो बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर तो लगाते हैं, मगर बाबा साहब के संविधान में उनका कोई विश्वास नहीं है। वे लोग छल कपट से धोखा देने में लगे हुए हैं। ऐसे धोखेबाजों को 2024 में जनता सबक सिखाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में एक मजदूर के तौर पर शामिल हुए हैं।
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आप-कांग्रेस के संभावित गठबंधन से थे खफा
तंवर ने वीरवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे के पीछे का कारण हरियाणा में आप-कांग्रेस के संभावित गठबंधन को बताया था। 1993 में सियासी करियर शुरू करने वाले तंवर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश रह चुके हैं। कांग्रेस छोड़ने के बाद वह टीएमसी में शामिल हुए थे। टीएमसी छोड़ने के बाद आप में शामिल हुए।
सीएम बोले- मेरे भांजे हैं अशोक तंवर
इस मौके पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि भले ही तंवर कांग्रेस में रहे हो, लेकिन वह मेरे भांजे लगते हैं। इनकी मां का और मेरा गांव एक ही है। इस नाते से मैं पहले भी उनसे मिलता रहा हूं। यह बात अलग है कि हम दोनों अलग-अलग पार्टी में थे। मगर उस समय बहुत कष्ट हुआ जब कांग्रेस में रहते हुए इनके (तंवर) ऊपर कांग्रेसियों ने हमला किया था। उस दिन मुझे लगा कि इनकी चिंता करनी चाहिए। जब इनका हालचाल पूछने गया तो उस समय बहुत से लोगों ने कहा कि आप इनको अपने साथ क्यों नहीं बुला लेते। हमनें कहा कि हमारा तो बहुत खुला घर है। हमारे दरवाजे सबके लिए खुले हैं। किसी का मन करें तभी उसे आना चाहिए। 2022 में इनकी ट्रेन (अशोक तंवर) कांग्रेस से तो चल पड़ी थी, लेकिन कांटा बदलने की वजह से जो ट्रेन भाजपा में पहुंचनी थी, वह गलती से आम आदमी पार्टी में पहुंच गई। इसके बाद इन्होंने देश के वातावरण को देखते हुए बीजेपी में शामिल होने का विचार किया।
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तंवर और उनके समर्थकों के जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। जब वह आप में थे तो पानी पी-पीकर भाजपा को गाली देते थे। आप संघर्ष करने वालों की पार्टी है, जो संघर्ष करना जानता है, वही आप में रह सकता है। -सुशील गुप्ता, आप प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा

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