फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: चंडीगढ़ के बजट पर लगा 437.66 करोड़ का कट

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

चंडीगढ़ के बजट पर लगा 437.66 करोड़ का कट-वित्तीय वर्ष 2025–26 में जारी बजट का पूरा उपयोग न कर पाने का खामियाजा, विकास योजनाओं पर पड़ेगा सीधा असर
-वित्त वर्ष 2025–26 के लिए चंडीगढ़ को 6,187 करोड़ का बजट आवंटित किया गया
-संशोधित अनुमानों के अनुसार प्रशासन केवल 5,556 करोड़ ही खर्च कर पाया
-631 करोड़ की राशि उपयोग में नहीं ला पाया प्रशासन, तो केंद्र ने की कटौती
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का 9वां आम बजट पेश किया। इस बजट से चंडीगढ़ को कई उम्मीदें थीं, लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष में बजट का सही और प्रभावी उपयोग न हो पाने के कारण केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के बजट में 437.66 करोड़ की कटौती कर दी है। इस कटौती का सीधा असर शहर के विकास कार्यों, नई परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे की मजबूती और निर्माण कार्यों की रफ्तार पर पड़ना तय माना जा रहा है। हालांकि केंद्र ने बजट में जो स्वास्थ्य और एमएसएमई को लेकर घोषणाएं की है, उसका सीधा असर चंडीगढ़ पर भी पड़ेगा। शहर में लघु उद्योग व छोटे कारोबार को नई रफ्तार, नए रोजगार और मेडिकल हब को गति मिलेगी।

वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को कुल 6,545.52 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इसमें से 5,939.52 करोड़ रेवेन्यू हेड के तहत और केवल 606 करोड़ कैपिटल हेड यानी विकास कार्यों के लिए दिए गए हैं। विकास मद में सीमित बजट मिलने से नई योजनाओं को जमीन पर उतारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुकाबले चंडीगढ़ के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 437.66 करोड़ रुपये का कट लगा है। वित्त वर्ष 2025–26 के लिए चंडीगढ़ को 6983.81 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। संशोधित अनुमानों यानी रिवाइजड एस्टिमेट्स के अनुसार प्रशासन केवल 5,556 करोड़ ही खर्च कर पाया। 631 करोड़ की राशि उपयोग में नहीं ला पाने की वजह से केंद्र ने बजट में कटौती की है।
विज्ञापन


विकास बजट में सबसे ज्यादा मार
कैपिटल हेड के अंतर्गत मिलने वाला बजट सीधे तौर पर शहर के विकास कार्यों से जुड़ा होता है। सड़क निर्माण, नए सरकारी भवन, स्कूलों और अस्पतालों का विस्तार, सीवरेज और जल आपूर्ति जैसी परियोजनाएं इसी मद से पूरी की जाती हैं। वर्ष 2026–27 में इस मद के तहत केवल 606 करोड़ का आवंटन किया गया है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2025–26 में कैपिटल हेड के लिए 798 करोड़ दिए गए थे। यानी विकास कार्यों के बजट में 192 करोड़ की सीधी कटौती की गई है।

रेवेन्यू हेड में भी बड़ी कमी
रेवेन्यू हेड की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2025–26 में प्रशासन को 6,185.18 करोड़ आवंटित किए गए थे। जबकि वर्ष 2026–27 में यह राशि घटकर 5,939.52 करोड़ रह गई है। इस तरह रेवेन्यू हेड में 245.66 करोड़ की कटौती हुई है। रेवेन्यू हेड से कर्मचारियों के वेतन, रखरखाव, स्वास्थ्य सेवाएं और दैनिक प्रशासनिक खर्च पूरे किए जाते हैं, ऐसे में इसका असर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन


पिछले वर्ष बजट उपयोग में रही कमी
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में चंडीगढ़ प्रशासन को जो बजट मिला था, उसका पूरा उपयोग नहीं हो सका। इसी वजह से केंद्र सरकार ने इस बार बजट आवंटन में सतर्कता बरतते हुए कटौती की है। कुल मिलाकर चंडीगढ़ को पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 437.66 करोड़ यानी करीब 438 करोड़ रुपये कम बजट मिला है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें