चंडीगढ़ और हरियाणा से मिला स्टेट अवॉर्ड
अदिति श्योराण ने 15 साल की उम्र में स्टेट, नेशनल और बीसीसीआई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में चंडीगढ़ महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा पेश की है। जिसके लिए उन्हें स्टेट अवॉर्ड सहित कई सम्मान भी मिल चुके हैं। 26 जनवरी 2025 को हरियाणा सरकार की ओर से खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अदिति को कैबिनट मंत्री कृष्ण बेदी ने सोनीपत में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया। अदिति खेल में सम्मान पाने वाली एकमात्र क्रिकेटर थी। उधर चंडीगढ़ प्रशासन ने भी अदिति की खेल प्रतिभा को देखते हुए 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चंडीगढ़ के स्टेट अवॉर्ड के लिए चुना । यूटी प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर-17 परेड ग्राउंड में अदिति को स्टेट अवॉर्ड से नवाजा। चंडीगढ़ क्रिकेट के इतिहास में अदिति श्योराण स्कूल स्तर पर सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं।
क्रिकेट में स्टेट स्तर पर गोल्ड
अदिति ने 2022 में सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम स्थित एकेडमी से क्रिकेट सीखना शुरू किया। केवल चार चार वर्षों में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर चंडीगढ़ महिला क्रिकेट में अलग पहचान बनाई। लड़कों की गेंदों को बाउंड्री से बाहर भेजने वाली अदिति शेफाली वर्मा की तरह निडर बल्लेबाज और टीम के लिए मुश्किल समय में अपनी फिरकी गेंदबाजी से अच्छे बल्लेबाजों को भी चलता कर देती हैं। खुद को एक आलराउंडर के तौर पर तैयार कर रही हैं। अदिति श्योराण अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर क्रिकेट की लगभग सभी प्रमुख स्टेट, नेशनल और बीसीसीआई प्रतियोगिताओं में चंडीगढ़ प्रशासन के शिक्षा विभाग और यूटी क्रिकेट एसोसिएशन(यूटीसीए) चंडीगढ़ की महिला टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। अदिति ने सबसे पहले बीसीसीआई के गुजरात में आयोजित अंडर-15 महिला वन डे टूर्नामेंट से बीसीसीआई प्रतियोगता में हिस्सा लिया। अदिति ने पहले ही बीसीसीआई टूर्नामेंट में शानदार खेल से सभी का ध्यान आकर्षित किया। 2025-26 में बीसीसीआई की अंडर-19 वनडे महिला चैंपियनशिप में भी अदिति का यूटीसीए की ओर से चयन हुआ।
क्रिकेट एकेडमी में लड़कों के साथ प्रैक्टिस ने बनाया मजबूत खिलाड़ी
चंडीगढ़ प्रशासन की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित सेक्टर-16 स्थित चंडीगढ़ क्रिकेट एकेडमी में केवल 12 वर्ष की उम्र में दाखिला पाने वाली अदिति श्योराण पहली महिला क्रिकेटर हैं। पहले इस एकेडमी में सिर्फ लड़कों को ही दाखिला दिया जाता था। अदिति के क्रिकेट के प्रति जज्बे को देखते हुए यूटी के पूर्व प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित और पूर्व एडवाइजर धर्मपाल के निर्देशों पर अदिति को विशेष तौर पर क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिया गया। करीब तीन चार साल की कड़ी मेहनत के दम पर अदिति ने चंडीगढ़ और अपने परिवार का मान बढ़ाया है।
सोनीपत के दुभेटा गांव से बीसीसीआई लेवल तक का सफर
अदिति मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले में दुभेटा गांव (गोहाना के नजदीक) की मूल निवासी हैं। अदिति क्रिकेट में अभी तक अपने बेहतर प्रदर्शन का श्रेय पेशे से किसान दादा रघुबीर सिंह, दादी मूर्ति देवी और हरियाणा शिक्षा विभाग में अंग्रेजी संकाय की लेक्चरर अनू श्योराण को देती हैं। अपनी खेल उपलब्धियों को लेकर खास बातचीत में अदिति बताती हैं कि उन्होंने सबसे पहले दो वर्ष कड़ी मेहनत कर खुद को फिट किया और 15 से 17 किलोग्राम कम किया और अब क्रिकेट स्किल पर ध्यान दे रही हैं। अदिति खेलों के साथ ही स्कूल स्तर पर अन्य गतिविधियों में भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेती हैं। एनसीसी कैडेट अदिति को कहती हैं कि बेटियों को भी शिक्षा के साथ खेलों में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्ड में आगे बढ़ने के लिए अच्छा स्वास्थ्य होना जरूरी है जोकि केवल फिटनेस से ही आ सकती है। अदिति महिला क्रिकेटर शैफाली वर्मा को सबसे बिंदास क्रिकेटर मानती हैं। वह कहती हैं कि भारतीय क्रिकेटर शेफाली और आस्ट्रेलियन क्रिकेटर एलिस पैरी के खेलने का अंदाज उन्हें सबसे अच्छा लगता है।