इस बार बिना बारिश के सर्दी बीत रही है। पिछले साढ़े तीन महीनों के भीतर चंडीगढ़ में नाम मात्र की ही बारिश दर्ज की गई है। अक्तूबर में तो नाममात्र की भी बारिश नहीं हुई। वहीं, नवंबर में बूंदाबांदी और दिसंबर सिर्फ एक दिन बारिश हुई। अब जनवरी के पूरे 20 दिन बीत चुके हैं, मगर बारिश का कोई अता-पता नहीं है।
दूसरी तरफ पहाड़ी इलाकों में इस नए साल में एक भी बार बर्फबारी नहीं हुई। इसका असर भी दिखने लगा है। जनवरी के दूसरे हफ्ते ही तापमान नार्मल से तीन डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। बारिश नहीं होने से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। खांसी और गले के इन्फेक्शन से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले हफ्ते मौसम में कुछ बदलाव आएगा। बारिश के भी चांस हैं। इससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
किस महीने में कितनी होनी चाहिए थी बारिश
अक्तूबर से फरवरी तक होने वाली बारिश सर्दियों की बारिश मानी जाती है। इन मौसमों में होने वाली बारिश का फायदा रबी की फसलों को मिलता है। मौसम विभाग के मुताबिक अक्तूबर में 31.8 एमएम, नवंबर में 9.9 एमएम, दिसंबर 23.4 एमएम और जनवरी में 44.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। मगर चंडीगढ़ में अक्तूबर में एक भी बूंद बारिश की नहीं गिरी। 18 नवंबर को सिर्फ बूंदाबांदी हुई। इतनी कम बारिश रही कि चंडीगढ़ मौसम विभाग का मापक यंत्र उसे रिकार्ड भी नहीं कर सका। 12 दिसंबर को 13.8 एमएम बारिश हुई। उसके बाद से लेकर 20 जनवरी तक बारिश की एक भी बूंद नहीं गिरी।
क्यों नहीं हो रही बारिश
Chandigarh rain
- फोटो : अमर उजाला
क्यों नहीं हो रही बारिश
दरअसल, चंडीगढ़ में अधिकतर बारिश पश्चिमी विक्षोभ की वजह से होती है। अक्तूबर से लेकर 20 जनवरी तक बहुत कम विक्षोभ आए हैं, जो आए भी वह कमजोर रहे। दूसरा कारण यह है कि पश्चिमी-उत्तर पश्चिमी हवाओं की रफ्तार काफी धीमी रही है। इन दो कारणों की वजह बारिश प्रभावित हुई है।
बारिश नहीं होने से पड़ रहा है यह प्रभाव
1. बारिश न होने का सीधा असर तापमान पर पड़ा है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान नार्मल से तीन डिग्री ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं।
2. प्रदूषण के कण नष्ट होने के बजाए वातावरण में ही रहेंगे। इससे गले के इन्फेक्शन और खांसी के रोगी बढ़ेंगे।
3. ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर फर्क पड़ेगा। इससे धरती का भी तापमान बढ़ता है।
4. रबी की फसल पर असर पड़ेगा। खासतौर पर गेहूं, चना, सरसो की फसल प्रभावित होती है।
23 को बारिश का अनुमान
करीब सवा महीने बाद 23 जनवरी को बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया है कि 22 जनवरी को जम्मू कश्मीर के पास वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के चांस बन रहे हैं। चंडीगढ़ में बारिश की 60 प्रतिशत संभावना बताई गई है। हालांकि पहाड़ों में बर्फबारी से एक बाद फिर दिन व रात के तापमान में कमी आने के पूरे आसार हैं।
सर्दी के मौसम में इस बार बारिश कम हुई है। इसकी मुख्य वजह वेस्टर्न डिस्टरबेंस की कमी रही है। हालांकि 23 जनवरी को मौसम में बदलाव आ रहा है। बारिश की संभावना है। इससे तापमान नीचे आएगा।
- सुरेंद्र पॉल, निर्देशक मौसम विभाग चंडीगढ़