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एक चंडीगढ़ ये भी... स्कूलों के बाहर नशा, लटकती बिजली की तारें और स्नैचिंग का डर

Tue, 25 Jul 2017 03:32 PM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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chandigarh village palsaura reality check
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देखिए एक चंडीगढ़ ये भी है... जहां स्कूलों के बाहर नशा बिकता है। गलियों में बिजली की तारें लटक रही हैं और हर वक्त डर का माहौल बना रहता है। बात हो रही है पलसोरा की, जो अब जाना तो सेक्टर-56 के नाम से जाता है, लेकिन सेक्टर जैसा कुछ है नहीं। मसलन यूं कहें की चंडीगढ़ के किसी सेक्टर जैसा तो यहां कुछ नहीं है। मूलभूत सुविधाओं केनाम पर एक स्वास्थ्य केंद्र, जिसमें दवाइयां नहीं है।
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स्कूल हैं, जहां बाहर नशा धुंए में उड़ रहा है। महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करती, क्योंकि स्नैचरों का हब यहां बन रहा है। बिजली के लिए लगी तारें, जानलेवा हो सकती हैं। क्योंकि लटक रही हैं। पार्क बनाए, लेकिन सैर के बजाए गाड़ियां पार्क करने में इस्तेमाल हो रहे हैं। कम्यूनिटी सेंटर केबारे में तो अभी सोचा ही नहीं जा रहा। ऐसे में चंडीगढ़ का एक हिस्सा और उससे जुड़ा एक बड़ा तबका, चंडीगढ़ का फिल गुड नहीं कर पा रहा। 

31 हजार की आबादी के लिए नहीं है दवाई

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सेक्टर-56 व पलसोरा में कुल 31 हजार आबादी है। लेकिन यहां के स्वास्थ्य केंद्र पर सिर्फ दो मेडिकल आफिसर व एक सीनियर डॉक्टर उपलब्ध हैं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए करीब 49 दवाईयां निशुल्क उपलब्ध कराने का दावा किया हैं। लेकिन सेक्टर-56 में स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क दी जाने वाली दवाईयां तक उपलब्ध नहीं।

स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र के बाहर बेचा जा रहा नशा
सेक्टर-56 के सरकारी स्कूल व ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र से महज 20 मीटर की दूरी पर खुलेआम नशा बेचा जा रहा है। सरेआम बिड़ी, सिग्रेट, पान मसाला व अन्य नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश अनुसार स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र के 100 मीटर के दायरे में नशा बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

पार्क बने पार्किंग एरिया
नगर निगम द्वारा बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए पार्क बदहाल हो चुके है। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए पार्क में बैठने के लिए रखे गए बेंच व कुर्सियां टूट चुके हैं। पार्कों की बदहाली पर निगम के अधिकारी व स्थानीय पार्षद ध्यान नहीं दे रहें हैं। पार्क गाडिय़ों के पार्किंग एरिया में तबदील हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने कहा इसकी शिकायत कई बार निगम को की गई। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं।
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हाईटेंशन तारें जानलेवा

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घनी आबादी वाले क्षेत्र में बिजली की हाईटेंशन तारें हादसे को न्योता दे रहीं हैं। घरों के आगे लगे बिजली के  पोल से गुजरती हाईटेंशन तारें कभी भी टूट कर गिर सकती हैं। कई बार तो हल्की हवा में तारे और इस कदर झूल जाती हैं कि मानों गिर ही जाएंगी। स्थानीय निवासियों के मुताबिक कई बार शिकायत करने केबावजूद भी बिजली विभाग की नींद नहीं खुल रही। शायद किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है।

स्नैचिंग से खौफ में महिलाएं
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि इस एरिया में स्नैचर किसी न किसी को अपना शिकार बनाते हैं। लोगों ने कहा कि पुलिस रात के समय पेट्रोलिंग पर नहीं आती। जिसके चलते आसामाजिक तत्व स्नैचिंग व चोरी जैसी वारदात को अंजाम देकर आराम से फरार हो जाते हैं। अब तो स्नैचरों का खौफ इतना हो गया है कि महिलाओं ने सूरज ढलने केबाद घर से निकलना छोड़ दिया है।

सामुदायिक क्रेंद की नहीं व्यवस्था
लोगों ने बताया कि एरिया में एक भी काम्युनिटी सेटर नहीं हैं। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। शादी समारोह व अन्य धार्मिक कार्यक्त्रस्म आयोजित करने के लिए लोगों को दूसरे समुदायिक केंद्र का रुख करना पड़ता है।
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