शहर के सरकारी स्कूलों में वर्षों से जमे शिक्षकों और प्रिंसिपलों के तबादले की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में 10 वर्ष से अधिक समय से जमे शिक्षकों और प्रिंसिपलों का डाटा तैयार करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार अप्रैल में बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना है। सरकारी स्कूलों में काफी शिक्षक 10 से 15 वर्षों से जमे हैं। विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे डाटा में अनुभवी शिक्षकों को कॉलोनी और गांव के स्कूलों में भी भेजने की तैयारी है।
अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव सेक्टरों के साथ कॉलोनी और गांव के सरकारी स्कूलों में बेहतर रिजल्ट लाने के लिए किया जाएगा। यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने भी वर्षों से एक ही स्कूल में जमे शिक्षकों और प्रिंसिपलों के बदलाव के लिए शिक्षा सचिव और डीएसई को भी कई बार चिट्ठी लिखी है।
नेशनल अवॉर्ड टीचर्स की बनेगी टीम
स्कूलों की कार्यप्रणाली को परखने के लिए यूटी प्रशासन अब एक्सपर्ट की कमेटी गठित करेगा। शिक्षा सचिव सर्वजीत ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को नेशनल अवॉर्ड विजेता शिक्षकों की 3-4 टीमें बनाने के आदेश दिए हैं। टीम में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी होंगे। सभी टीमें हफ्ते में 2-3 दिन स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी। टीचर्स केे बारे में भी फीडबैक लिया जाएगा।
डेपुटेशन टीचर्स की लिस्ट तैयार
पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर दस साल से अधिक समय से जमे शिक्षकों की भी लिस्ट तैयार हो रही है। शिक्षा विभाग ने डेपुटेशन शिक्षकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए नए सत्र में ही वापस भेजने का प्रपोजल तैयार किया था। लंबे समय से डेपुटेशन पर चल रहे शिक्षकों को होम कैडर पर भेजने की तैयारी है। उधर, शिक्षा विभाग ने कुछ दिन पहले ही पंजाब और हरियाणा डेपुटेशन कोटे की खाली सीटों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे।
कोट
विभाग कई वर्षों से एक ही स्कूल में तैनात शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बदलने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में डीईओ दफ्तर से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। 10 वर्ष से एक ही स्कूल में तैनात शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बदला जाएगा। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो ऐसे में तबादले एकेडमिक सत्र के बीच में नहीं किए जाएंगे।
-रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी।