चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस के नोटिस के बाद यातायात पुलिस ने घर के बाहर वाहन खड़ा करने पर लोगों के चालान करने शुरू कर दिए हैं। इससे शहरवासियों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि गाड़ी खरीदने और आरसी बनवाने के वक्त पार्किंग के ऐसे किसी नियम के बारे में क्यों नहीं बताया गया। अब जब लोगों ने गाड़ियां खरीद ली हैं तो उन्हें परेशान किया जा रहा है।
पुलिस ने बीते दिनों सेक्टर-20 से इस अभियान की शुरुआत की है। वहां कई लोगों के चालान काटे गए हैं और कइयों को चेतावनी दी गई है। लोगों को जागरूक करने के लिए यातायात पुलिस ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसमें लोगों को समझाया जा रहा है कि घर के बाहर वाहन न खड़ा करें। वीडियो में पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि वह जल्द दोबारा देखने आएंगे और अगर गाड़ियां सड़क पर खड़ी मिलीं तो चालान काटा जाएगा। इसे लेकर कई लोगों ने स्थानीय पार्षदों से भी संपर्क किया है और पुलिस में भी शिकायत की है।
सेक्टर-20 और 30 की वार्ड पार्षद तरुणा हेमता का कहना है कि प्रशासन पार्किंग पॉलिसी को लागू कर पाया न ही कम्यूनिटी पार्किंग की व्यवस्था कर सका है। प्रशासन शहरवासियों को सेवाओं, सुविधाओं व अच्छी व्यवस्था देने के लिए बना है। प्रशासन को विकल्प ढूंढने चाहिए न कि एकदम से तुगलकी फरमान जारी कर लोगों को परेशान करना चाहिए। पार्टी स्तर पर बात कर इसके खिलाफ मुहिम चलाएंगे।
घर के अंदर जगह ही नहीं, गाड़ियां कहां ले जाएं
सेक्टर-20 ए निवासी हर्ष भाटिया ने कहा कि उनका 10 मरले का घर है। तीन गाड़ियां और चार टू-व्हीलर हैं। पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि गाड़ियां घर के अंदर खड़ी करो। हमने कहा कि अंदर जगह नहीं है तो उन्होंने कहा कि चारदीवारी तोड़ दो। जब कहा कि अंदर तो जगह ही नहीं है तो कहा कि ये तो गाड़ी लेने से पहले सोचना चाहिए था। यातायात पुलिस तो चालान करेगी। प्रशासन का ये फैसला समझ नहीं आ रहा कि क्या सोच कर ऐसा कर रहे हैं। आरसी बनाते समय तो ऐसे किसी नियम के बारे में हमें बताया नहीं।
पुलिसकर्मियों ने कहा- दीवार तोड़ दो
सेक्टर-20 निवासी मधु कपूर ने कहा कि घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर पुलिस ने जबरन 500 रुपये का चालान काट दिया जबकि सभी की गाड़ियां बाहर ही पार्क रहती हैं। पुलिसकर्मी कहते हैं कि दीवार तुड़वाकर गाड़ी को अंदर खड़ी करो। उन्होंने कहा कि घर में चार गाड़ियां हैं, सभी अंदर नहीं आ सकतीं लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई बात नहीं सुनी। मधु ने कहा कि कोई भी नया नियम बनाने से पहले लोगों के बारे में सोचना चाहिए। सेक्टर-27 के विकास सिंह ने कहा कि पुलिस उनके एरिया में भी अनाउंसमेंट करके गई है कि बाहर गाड़ी खड़ी करने वालों का चालान कटेगा। इससे सभी लोग परेशान हैं कि वो गाड़ी कहां लेकर जाएंगे।
कई लोगों के घर में जगह, फिर भी खड़ी कर रहे बाहर
पुलिस का तर्क है कि कई लोगों के घर में गाड़ी खड़ी करने की जगह है, इसके बावजूद वो बाहर फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करते हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को कई सेक्टरों का दौरा किया और पाया कि ये बात काफी हद तक सही है। सेक्टर-21, 22, 16, 23, 35, 37 समेत कई सेक्टरों में लोगों के घरों के चारदीवारी के अंदर जगह थी, बावजूद उनकी गाड़ियां फुटपाथ और सड़क के किनारे खड़ी थीं।
जिनके छोटे घर, वो क्या करें?
पुलिस की सख्ती के बाद सेक्टर-20, 22 और 27 के बड़े घरों के अंदर कुछ गाड़ियां खड़ी होने लगी हैं लेकिन सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों के साथ है, जिनके घर छोटे हैं। कई निजी व सरकारी घर ऐसे हैं, जो छोटे हैं और चारदीवारी के अंदर इतनी जगह नहीं है कि वो अपनी कार उसमें खड़ी कर सकें, ऐसे लोग सबसे ज्यादा चिंतित हैं। पुलिसकर्मियों के पास भी इसका जवाब नहीं है।
जिनके घर में जगह, वो तो गाड़ियां अंदर खड़ी करें : डीएसपी
डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि लोगों को अपना माइंडसेट बदलना होगा। जिन लोगों के घरों में जगह है, कम से कम वो तो घर में गाड़ी खड़ी करें। पुलिस अभी मार्केट के पास और सर्कुलर रोड पर खड़ी होने वाली गाड़ियों पर फोकस कर रही है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जाए। बहुत से लोग इस बात को समझने भी लगे हैं।