नुकसान झेलना पसंद लेकिन जाएंगे नहीं
आदविका वेकेशन के मालिक अंकुश चड्ढा का कहना है कि लोग वहां जाने के लिए टूर कैंसिल कर रहे हैं। ऐसे में तय किया है कि वहां की कोई बुकिंग नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि फ्लाइट की बुकिंग कैंसिल कराने में काफी नुकसान भी रहा है। दरअसल, ज्यादातर लोग नॉन रिफंडेबल बुकिंग कराते हैं। उनका जाना तय रहता है। अब ऐसे में जब बुकिंग कैंसिल हो रही तो लोगों को कोई पैसा नहीं मिल रहा है, बावजूद उसके कोई वहां नहीं जाना चाहता है।
भारतीयों का अजरबैजान जाना बढ़ा था
वैरायटी वेकेशन टूर एंड ट्रैवल एजेंसी के मालिक अजीत का कहना है कि दोनों देशों के लिए बहुत बुकिंग थी। पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान अजरबैजान के करीब 20 टूर एंड ट्रैवल वाले आए थे और अपने देश के पर्यटन को प्रमोट कर रहे थें। वहां भारतीयों का जाना बढ़ा था। न्यूनतम बुकिंग 70 हजार से शुरू होकर 2 लाख तक की बुकिंग होती थी।
62 करोड़ रुपये का कारोबार होता है
अलग - अलग टूर एंड ट्रैवल वालों की माने तो चंडीगढ़ से हर साल 5000 से ज्यादा लोग दोनों देशों के लिए जाते हैं। तुर्किये के लिए सवा लाख रुपये तक का खर्च आता है। अगर 5000 लोगों का औसतन 1.25 लाख रुपये प्रति पर्यटक के हिसाब से जोड़ा जाए तो 62 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। यहां करीब बड़े 50 टूर एंड ट्रैवल एजेंड हैं। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी तर्की और अजरबैजान का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
मेल करने के बाद भी पैसा नहीं दिया
जीत बथेजा का कहना है कि उनके माध्यम से अजरबैजान बुकिंग कराने वाले दो पर्यटकों का पैसा भी नहीं मिल रहा है। करीब 1.50 लाख रुपये का पैकेज था। उसको लेकर कई बार मेल चला चुके हैं।
फल कारोबारियों ने वहां के सेब का किया बहिष्कार
चंडीगढ़ के फल कारोबारियों ने भी तुर्किये से कारोबार करने से मना कर दिया है। मंडी के आढ़तियों का कहना है कि जो भारत के खिलाफ है उसका कोई भी सामान नहीं बेचेंगे। उनका कहना है कि कुछ भी हो जाए, वहां सेब नहीं भेजेंगे।