स्वच्छ सर्वेक्षण-2007 के तहत चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पंचकूला, मोगा, जालंधर, लुधियाना, करनाल, हिसार के अलावा जम्मू एंड कश्मीर हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के मेयर व कमिशभनर भी मौजूद रहे।
साथ ही पांच राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें मुख्य अतिथि चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार परिमल राय रहे।
इस मौके पर परिमल राय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में अगली बार उत्तर भारत ही नंबर वन की कतार में खड़ा होगा। कार्यशाला में लुधियाना के मेयर हरचरण सिंह, चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल और कांग्रेस पार्षद दल के नेता सुभाष चावला और नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने भी अपने विचार रखे।
पिछले सर्वेक्षण में पहले नंबर पर मैसूर ने बनाई थी जगह
चंडीगढ़ ओपन हैंड
- फोटो : file photo
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सलाहकार परिमल राय ने बताया कि पिछले सर्वेक्षण में पहले नंबर पर मैसूर ने जगह बनाई थी और चंडीगढ़ दूसरे नंबर पर रहा था।
यदि, मैसूर स्वच्छ भारत मिशन में सबसे आगे आ सकता है तो उत्तर भारत क्यों नहीं? उनका कहना था कि अगले वर्ष होने वाले सर्वेक्षण के अंतर्गत चंडीगढ़ नंबर वन की स्थिति हासिल करेगा।
सलाहकार ने कहा कि प्रधानमंत्री की सर्वोपरि महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन को चंडीगढ़ एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार करता है। चंडीगढ़ उत्तर भारत का स्मार्ट शहर है और पूर्व नियोजित शहर भी। इसलिए इसको इस बात का लाभ अवश्य मिलेगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग लेंगे 500 शहर
स्वच्छ भारत अभियान
इस कार्यशाला में शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सर्वेक्षण के तहत किए जाने वाले आवेदन में रहने वाली खामियां के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत अब 500 शहर भाग लेंगे, जिनमें से 472 शहर ऐसे है जिनकी न्यूनतम जनसंख्या जनगणना 2011 के आधार पर एक लाख है।
अधिकारियों ने बताया कि सर्वे के कुल अंक 200, 900 अंक डॉक्यूमेंट्स और 600 अंक लोगों की भागीदारी, भागीदारी के 500 अंक एजेंसी द्वारा दिए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि जो शहरों से जो कूड़ा निकलता है उसकी हर चीज का प्रयोग किया जा सकता है।
चंडीगढ़ के सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि चंडीगढ़ शहर एक पूर्व नियोजित तरीके से बसाया गया है, लेकिन शहर के विकास के लिए प्रधानमंत्री एवं शहरी विकास मंत्रालय का भी इसमें विशेष योगदान है।
निगम कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने कहा कि इस बार नगर निगम चंडीगढ़ स्वच्छता में पहले नंबर पर अवश्य आएगा। इसके लिए निगम में कई नए व महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की प्रतियोगिता अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शहरों के साथ है।
अतिरिक्त फंड की भी हो रही मांग
स्वच्छ भारत मिशन
इस मौके पर कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने शहरी विकास मंत्रालय से आए अधिकारियों को कहा कि वह स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई का टारगेट तो बढ़ा रहे है, लेकिन इसके लिए फंड भी ज्यादा रिलीज किया जाए।
चावला ने कहा कि दिल्ली फाइनेंस कमीशन के तहत चंडीगढ़ नगर निगम को जो शेयर मिलना चाहिए वह तो मिल नहीं रहा है।
कार्यशाला में चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल और कांग्रेस पार्षद दल के नेता सुभाष चावला और नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने भाग लिया। वहीं अधिकतर पार्षदों का कहना है कि उन्हें कोई निमंत्रण नहीं मिला।