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ऐसे तो उड़ जाएगा सारा पानी; विश्वास नहीं होता, ये अपनी सुखना है!

Thu, 04 May 2017 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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रोज 10 से 15 एमएम तक सूख रही सुखना
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गाद के कारण सुखना का जलस्तर रोज 10 से 15 एमएम तक घटता जा रहा है। सुखना को बचाने के लिए प्रशासन के सभी प्रयास फेल होते जा रहे है। सुखना के घटते जलस्तर पर प्रशासन के पूर्व चीफ इंजीनियर व पंजाब यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ का मानना है कि  अगरसुखना को बचाना है तो गाद निकालनी ही पड़ेगी। दूसरा कोई विक ल्प नहीं। इसके लिए प्रशासन के पास केवल डेढ़ माह का समय शेष रह गया है।
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अगर इस बीच सुखना से गाद निकाल ली गई तो हो सकता है कि सुखना को सूखने से बचाया जा सके। वर्तमान में पानी का स्तर 1153.20 फुट है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पानी का स्तर इतना भी नहीं है। इसमें आधा हिस्सा गाद का है। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलॉजी (एनआईएच) रुड़की भी अपनी स्टडी में सुखना के सूखने की मुख्य वजह गाद को बता चुका है।

गाद निकालने के लिए दो बार चिट्ठी लिखी
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाईड्रोलॉजी की स्टडी को आधार बनाते हुए पर्यावरण विभाग ने यूटी के इंजीनियरिंग विभाग से गाद की समस्याओं के हल के लिए आधुनिक मशीन खरीदनें के लिए कहा था। इसके लिए इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने लिखित रूप में दो बार प्रपोजल भेजा। लेकिन अब तक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट सुखना से गाद निकालने केलिए मशीन नहीं खरीद सका।
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गाद के कारण सुखना की गहराई कम होती जा रही है। समय रहते गाद नहीं निकाली गई तो हो सकता है आने वाले कुछ समय में सुखना का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो जाए। 
- पवन कुमार बंसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री

1153.20: फुट है वर्तमान में पानी का स्तर

रोज 10 से 15 एमएम तक सूख रही सुखना
सुखना शहर की लाइफलाइन है, इसे बचाने के लिए प्रशासन को सुखना के एरिया में किए गए अवैध निर्माण को गिराना होगा। इसके  अलावा चेक डैम और लेक से सिल्ट निकालना होगा, तभी सुखना को बचाया जा सकता है। 
- राम निवास, गृह सचिव, हरियाणा

सुखना के बचाने के लिए इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को चाहिए कि जल्द से जल्द गाद निकालनी शुरू की जाए, अगर आने वाले 10 से 15 दिनों में गाद नहीं निकाली जाती है, तो सुखना आने वाले समय में पूरी तरह से सूख सकती है। 
- एसके चड्ढा, पूर्व चीफ इंजीनियर, यूटी चंडीगढ़

सुखना में से वीड निकालने का काम जारी है, प्रशासन जल्द ही सुखना के संरक्षण को लेकर तकनीकी विशेषज्ञ नियुक्त करने जा रहा है। 
- मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, यूटी चंडीगढ़
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गाद निकालने के लिए प्रशासन के पास डेढ़ माह का समय

- फोटो : फाइल फोटो
वर्ष      वार्षिक औसत तलछट     कुल तलछट          पानी का भंडारण      कितने प्रतिशत सूखी सुखना
1958             -                         -                1074.40                     -
1959-64       49.95                   249.75          824.65                   23.24
1964-69        32.19                 160.95            663.7                    38.22
1969-74       23.8                    119.0               544.70                   49.30
1974-79        12.45                  62.25              482.45                    55.09
1979-84        4.03                   20.15               462.30                    56.97
1984-89        13.02                  65.1                397. 30                  63.03
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