उपलब्धि पाकर गौरी श्योराण काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए महिलाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। यह तरक्की तब ही आएगी जब सभी कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। बेटियों की काबिलियत को पहचानते हुए हर मां-बाप को उसके सपनों को जरूर पूरा करना चाहिए।
गौरी श्योराण के पिता जगदीप सिंह मौजूदा समय में हरियाणा सरकार में वित्त सचिव के पद पर तैनात हैं। बेटी को मिले सम्मान से वह खुश हैं। उन्होंने कहा कि कि देश और विदेश अपने खेल और मानवता की सेवा करते हुए बेटी ने हमेशा से ही देश का मान बढ़ाया है। कोरोना महामारी के दौरान गौरी को यह तीसरा सम्मान मिला है। मुझे अपनी बेटी पर नाज है।
गौरी श्योराण देश की टॉप महिला शूटिंग खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं। वह पिस्टल इवेंट में बेहतरीन निशाने के लिए जानी जाती हैं। मौजूदा समय में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियन हैं। वर्ल्ड कप और साउथ एशिया गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। अभी तक 35 अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेकर 26 मेडल बटोर चुकी हैं।
कोरोना काल के दौरान पहले भी गौरी को मिल चुके हैं दो अवार्ड
गौरी को इससे पहले इंटरनेशनल वुमन क्लब ने इंटरनेशनल गर्ल्स विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस अवार्ड दिया था। यह अवार्ड यूएसए चैप्टर की ओर से 2020 में दिया गया था। इसके अलावा उन्हें कोरोना महामारी में रिपब्लिक ऑफ घाना की ओर से अवार्ड दिया जा चुका है। यह अवार्ड उन्हें नई दिल्ली के उच्चायुक्त माइकल एएनएन ओक्वेय एस्क ने दिया था। गौरी ने कोरोना के खिलाफ जंग में लोगों की मदद के लिए हरियाणा सीएम फंड में एक लाख रुपये की इनामी राशि भी जमा कराई थी। उनका भाई विश्वजीत सिंह भी इंटरनेशनल लेवल का शूटर है।