10 सितंबर, 2024 को चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर-575 में हैंड ग्रेनेड बम ब्लास्ट के मामले में एनआईए की जांच टीम ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
इस चार्जशीट में एनआईए ने पाकिस्तान में बैठे हरविंद्र सिंह रिंदा व यूएसए बेस्ट गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया का नाम भी शामिल किया है जिनके इशारे पर ही वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले में अब अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
एनआईए द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में बताया कि 10 सितंबर की शाम को करीब 6 बजे ऑटो में सवार दो अज्ञात बदमाशों ने 575 नंबर कोठी में हैंड ग्रेनेड बम फेंककर ब्लास्ट किया था।
पूर्व एसपी को मारने के लिए फेंका गया था ग्रेनेड
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इसी कोठी में कुछ साल पहले तक पंजाब पुलिस से रिटायर एसपी जसकीरत सिंह चहल व उनका परिवार रहता था। चहल को मारने के लिए हैंड ग्रेनेड से बम धमाका किया गया था जबकि घटना के समय वह इस कोठी में रहते भी नहीं थे। इनमें एक आरोपी को अमृतसर में पंजाब पुलिस की टीम ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर गिरफ्तार कर लिया था जबकि दूसरे आरोपी को अगले ही दिन मोबाइल लोकेशन के जरिए दिल्ली से पकड़ा गया था। इन आरोपियों की पहचान रोहन व विशाल मसीह निवासी पंजाब के रूप में हुई थी। इन आरोपियों ने सेक्टर-43 आईएसबीटी से सेक्टर-10 कोठी तक जाने के लिए 500 रुपये में एक ऑटो किराए पर लिया था जिसके चालक कुलदीप को भी जांच टीमों ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में जांच टीमों ने विशाल व रोहन को बम और पिस्टलें सप्लाई करने वाले अमृतसर के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। एनआईए ने अब इस मामले में आठ आरोपी बनाए है।
पाकिस्तान से आए हैंड ग्रेनेड से हुआ था बम ब्लास्ट
एनआईए की जांच में इस कोठी में प्रयोग किया गया हैंड ग्रेनेड एचजी-84 पाकिस्तान का बना निकला। यह बम केवल पाकिस्तान और बंग्लादेश में ही बनते है। आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा लंबे समय से पाकिस्तान में ही सैटल है और उसके द्वारा ही यह हैंड ग्रेनेड भेजा गया था। आर्गेस टाइप एचजी-84 ऑस्ट्रियाई मूल का एंटी-पर्सनल फ़्रेगमेंटेशन हैंड ग्रेनेड है। इसे पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्टरीज द्वारा आर्गेस 84 पी2ए1 के तहत बनाया गया था। घटनास्थल पर मिले बम के छोटे-छोटे कणों को जांच के लिए सीएफएसएल में भेजा गया था जिसके बाद इस बात का खुलासा हुआ है। जांच में निकला कि आर्गेस टाइप एचजी 84 एक उच्च-विस्फोटक ग्रेनेड है जो 20 मीटर के दायरे में उसके अंदर डली स्टील की छोटी-छोटी गोलियों के जरिए धमाका करता है।
रिंदा और पासिया दोनों करवाते है टारगेट किलिंग
एनआईए की जांच में सामने आया कि हैप्पी का क्रिमिनल रिकॉर्ड निकाला तो पता चला कि वह पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंद्र रिंदा के साथ मिलकर टारगेट किलिंग का काम करता है। रिंदा और हैप्पी ने वर्ष 2023 में चंडीगढ़ व पंजाब में कई लोगों की हत्या के लिए कुछ युवकों को टारगेट भी दिया था। बाकायदा स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने गत वर्ष मोहाली से चार युवकों को भी गिरफ्तार किया था जिन्होंने रिमांड के दौरान टारगेट किलिंग का खुलासा किया था। इन दोनों ने अपने गैंंग में कई शार्प शूटर रखे हुए है जो इनके लिए टारगेट किलिंग का काम करते है।