ऑटो और फर्नीचर इंडस्टी की तरह चंडीगढ़ की स्क्रू इंडस्ट्री भी अब पंजाब का रुख कर चुकी है। इसकी वजह है फरमान और जगह का अभाव। चाहे ट्रैक्टर हो या फिर कार या अन्य आइटम। स्क्रू की सप्लाई तो चंडीगढ़ से ही होती थी। अभी ऐसा ही है लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन के नित नए फरमान और अपनी जगह का उपयोग न करने की वजह से यह स्क्रू इंडस्ट्री अब पंजाब का रुख कर चुकी है।
हालत यह है कि कभी यहां स्क्रू इंडस्ट्री की पांच सौ इकाइयां होती थीं। अब यहां सिर्फ चार सौ इकाइयां ही रह गई हैं। चंडीगढ़ में फिलहाल स्क्रू इंडस्ट्री की चार सौ इकाइयां हैं। इसमें से भी ज्यादातर बिना मुनाफे के काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ में स्क्रू यूनिट को चलाने वाले नवनीत कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ में एक समय बिजली के दाम मोहाली की अपेक्षा काफी कम थे। अब बिजली के दाम मोहाली से ज्यादा हैं। ऐसी स्थिति में प्रोडक्शन कास्ट बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में एफएआर कम होने की वजह से काम करने की जगह भी एकदम कम है। ऐसी स्थिति में जगह होते हुए उद्यमी उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण करीब बीस फीसदी यूनिट्स चंडीगढ़ से मोहाली और डेराबस्सी में शिफ्ट हो गई हैं। चंडीगढ़ में पाल्यूशन विभाग, इस्टेट कार्यालय द्वारा लगातार नोटिस भेजे जाते हैं। जीपीए पर होने की वजह से बैंक द्वारा हमको लोन भी नहीं मिल पाता है। जिसके कारण दूसरे राज्यों के उद्यमी की तरह हमारा उद्योग डवलप नहीं कर पाता है।