पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल ने इस्तीफा दे दिया है। खास बात ये है कि बलबीर सिंह ढोल का ये इस्तीफा 10 वीं के रिज्ल्ट के घोषित होने के तीन दिन बाद ही हो गया है। यहां ये भी बता दें कि इस बार 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में पास प्रतिशत महज़ 57 तक ही रहा, जो बोर्ड की फजीहत की बड़ी वजह रहा है, जबकि पिछले साल 72 फीसदी बच्चे 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में पास हुए थे।
वहीं इस्तीफे के बारे में पंजाब सरकार ने दिन में दो बार बयान जारी किए। पहली बार कहा गया कि दसवीं में 50 प्रतिशत से भी कम नतीजे से निराश सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ढोल को इस्तीफा देने के निर्देश दिए। इसके बाद स्पष्टीकरण दिया गया कि ढोल की नियुक्ति निर्धारित मापदंडों से न होने के कारण उनको इस्तीफा देने को कहा गया।
हालांकि सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी इस इस्तीफे की वजह पॉलिटिकल पोस्टों पर लगे चेयरमैनों को हटाने की कवायद बताया गया है।बलबीर सिंह ढोल पिछली सरकार में डीपीआई के पद से रिटायर होने के बाद चेयरमैन बनाए गए थे। किसी एजुकेशनिस्ट की जगह पर ब्यूरोक्रेट को चेयरमैन लगाने के लिए पूर्व अकाली भाजपा सरकार में एक्ट में संशोधन भी किया गया।
कैप्टन सरकार ने सत्ता में आते ही पॉलिटिकल पोस्टों पर लगे चेयरमैनों को हटाने की कवायद शुरू की थी। कई चेयरमैनों ने तो अपने आप ही इस्तीफे दे दिए थे लेकिन बहुत से अभी तक डटे हुए थे। कैप्टन सरकार ने सभी विभागों के प्रिंसिपल सेक्रेटरीज को उनके विभाग के अधीन बने बोर्ड, कार्पोरेशन और कमीशनों के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के पदों पर बैठे लोगों को हटाने के लिए कहा।
बलबीर सिंह ढोल ने कई चेयरमैनों की तरह हटने से इंकार कर दिया। उनके विभाग के एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी जी.वज्रालिंगम को भी उन्होंने जवाब दे दिया था। बुधवार को वह सारा दिन सीएम आफिस के चक्कर लगाते दिखाई दिए थे।