चंडीगढ़। गैप फिलिंग की तैयारियों पर चंडीगढ़ का उद्यान विभाग गंभीर नहीं है। आलम यह है कि शहर की सभी सड़कों पर पेड़ों के बीच की गैप फिलिंग की जानी है, लेकिन अभी तक पिट (गड्ढे) तैयार नहीं किए गए हैं और न ही उनमें खाद डालने का कोई प्रबंध किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में चंडीगढ़ में तैयारियां शुरू की जाएंगी। आपको बता दें कि प्रति वर्ष शहर में बारिश और तेज हवाओं के अतिरिक्त किसी अन्य वजह से पेड़ के समाप्त होने के बाद हुई गैप फिलिंग किए जाने का प्रावधान है। इसके लिए यूटी प्रशासन की ओर से नगर निगम की ओर से पौध रोपित करने के लिए प्रतिवर्ष पिट खोदकर उसमें खाद डाली जाती है। इस वर्ष मानसून आने में दो दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन अभी तक शहर में गैप फिलिंग को लेकर कोई तैयारियां नहीं दिख रही हैं। जानकारों की मानें तो पौधों को बचाने के लिए मानसून से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जानी बेहद जरूरी है।
क्या है नोटिफिकेशन
यूटी प्रशासन के नोटिफिकेशन के अनुसार पेड़ के समाप्त होने के बाद जो जगह खाली हुई है, उसमें उसी प्रजाति का पौधा रोपित किया जाना चाहिए जो वहां पहले से मौजूद था। इसके बाद भी नोटिफिकेशन के अनुरुप चंडीगढ़ में कोई काम नहीं किया जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर निगम अंतर्गत आने वाली अधिकांश सड़कों पर गैप फिलिंग की आवश्यकता है। विभाग जुलाई के पहले सप्ताह में इसको लेकर तैयारियां शुरू करेगा। -केपी सिंह, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, नगर निगम
गैप फिलिंग को लेकर यूटी की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। -प्रवेश शर्मा, अधिशासी अभियंता (ईई) यूटी, चंडीगढ़