इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ की दूरी कम हो सकती है क्योंकि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने प्रशासन द्वारा सुझाए गए दो विकल्पों पर सहमति जताई है। एयरपोर्ट से दूरी कम करने का मुद्दा पिछले काफी समय से लंबित है, जिसे पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और इंडियन एयरफोर्स के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई। बैठक के बाद प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए सुझाए गए दो विकल्पों पर सहमति जताई है। हालांकि पंजाब ने सोमवार को इस मुद्दे पर अपनी कोई टिप्पणी नहीं दी। उन्होंने बताया कि अब इन विकल्पों को मंजूरी दिलाने के प्रयास शुरू करेंगे।
यूटी प्रशासन के अनुसार वर्तमान में चंडीगढ़ से एयरपोर्ट की दूरी करीब 11 किलोमीटर पड़ती है। प्रशासन द्वारा दो सर्वे करवाए गए हैं और इन सर्वे के आधार पर ही वैकल्पिक मार्ग को अंतिम रूप दिया जाएगा। सेक्टर-48 से शुरू होकर एयरपोर्ट की तरफ जाने के लिए ये वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया है। वैकल्पिक मार्ग तैयार होने के यह दूरी मात्र 2.85 से 3.32 किलोमीटर रह जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों के लिए एयरपोर्ट पहुंचने में कम समय लगेगा। इस योजना को बनाने में रूट का कुछ हिस्सा पंजाब से होकर गुजरेगा। इस पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को एक साथ बैठक करने के निर्देश दिए थे इसलिए ही प्रशासन ने बैठक बुलाई थी।
मास्टर प्लान में सुझाए गए हैं तीन विकल्प
चंडीगढ़ मास्टर प्लान में भी इसके लिए तीन विकल्प सुझाए गए थे और विभिन्न बैठकों में इस पर चर्चा भी की गई। यूटी प्रशासन की तरफ से डीएमआरसी को कंसलटेंट भी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भी कई विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया। सुझाव दिया गया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट की चंडीगढ़ से पूर्व मार्ग सेक्टर-48 के पास से जगतपुरा एरिया के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी की जा सकती है। एयरपोर्ट के लिए चंडीगढ़ से ये सबसे छोटा मार्ग होगा। इस पर फैसला हुआ था कि साइट पर फिजिबिलिटी के अलावा चीफ इंजीनियर यूटी पंजाब सरकार से समन्वय के साथ आगे की कार्यवाही के लिए काम करेंगे। बता दें कि विकल्प के तहत एजेंसी को टोपोग्राफ्किल सर्वे करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा रास्ते में आने वाले ड्रेनेज लाइन को लेकर भी सर्वे करने के लिए भी बोला गया था, जिसमें उनका लेवल व चौड़ाई आदि शामिल होगा।