रॉक गार्डन में प्रवेश शुल्क भले ही बढ़ा दिया गया हो, लेकिन न तो यहां की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है और न ही व्यवस्थाओं में सुधार। यहां पर डॉल म्यूजियम, सीसीटीवी कैमरे, साफ सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं अभी तक दुरुस्त नहीं की गई। हर दिन यहां पर करीब पांच हजार से ज्यादा लोग विजिट करने आते हैं, लेकिन सुविधाओं में कमी और व्यवस्थाओं में खामियों के कारण मायूस होकर लौटते हैं।
रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद का सपना था कि यहां पर आने वाले पर्यटकों और बच्चों से कभी ज्यादा शुल्क न वसूला जाए, लेकिन रॉक गार्डन सोसाइटी की ओर से इसका प्रवेश शुल्क व्यस्कों के लिए 30 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये कर दिया गया। जबकि पहले यह किराया क्रमश: 20 और पांच रुपये लगता था।
प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी के पीछे यह तर्क था कि यहां पर म्यूजियम, रॉक गार्डन में ई-टिकटिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन ये सब कागजी साबित हो गए। वहीं सफाई के मामले में भी रॉक गार्डन के पानी में गदंगी है। वहीं कई जगह लोगों ने पीक थूका है। दूसरी ओर से रॉक गार्डन सोसायटी की ओर से अभी तक म्यूजियम शुरू नहीं किया गया है। इस कारण यहां पर आने वाले पर्यटकों को कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। वहीं सीसीटीवी कैमरे, डाल म्यूजियम, नेकचंद लाइट एंड साउंड सिस्टम म्यूजियम भी नहीं बनाए गए। यह प्रोजेक्ट अभी तक अधर में लटके हुए हैं। कई बार प्रशासन की ओर से सभी को दावा किया गया कि इन्हें जल्द पूरा किया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।
ये है पर्यटकों का कहना
चंडीगढ़ रॉक गार्डन में घूमते लोग
- फोटो : File Photo
जब हम कश्मीर से घूमने आए तो हमें पता चला कि चंडीगढ़ में रॉक गार्डन है। यह वेस्ट मैटेरियल से बना है। इसको देखने के लिए हम आए, लेकिन यहां पर बोर्ड टूटा हुआ है। वहीं पानी में गंदगी है। इसे देखकर लगता है कि लंबे समय से साफ नहीं किया गया है। - अरशीद हुसैन।
यहां पर लगे सूचना बोर्ड कई जगह से टूटे हुए हैं। इस कारण परेशानी होती है। पर्यटन स्थल पर इस तरह के हालात नहीं होने चाहिए। इससे गार्डन के बारे में जानने में परेशानी होती है। कई जगह लोग गुटखा खाकर दीवारों को गंदा कर रहे हैं। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। - बरकत।
रॉक गार्डन में अभी तक म्यूजियम नहीं है। इसलिए रॉक गार्डन की विशेषता के बारे में पता नहीं चलता है। यहां पर टूरिस्ट पुलिस केवल नाम के लिए है। यहां पर कोई गाइड सर्विस नहीं है। इस कारण भी गार्डन के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिलती है। वहीं यहां पर मेटल डिटेक्टर भी लगाए जाने चाहिए। किसी भी गेट पर मेटल डिटेक्टर सहीं नहीं है। - समीर।
रॉक गार्डन की सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। यहां पर म्यूजियम बनाया जाएगा। वहीं टिकट भी कंप्यूटरीकरण से किया जाएगा। वहीं सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का प्रपोजल भी बनाया गया है। इसे भी जल्द ही इंस्टाल किया जाएगा। - अनुराग अग्रवाल, गृहसचिव, चंडीगढ़ प्रशासन।