रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) में अब गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ब्लड रिलेशन होना जरूरी है। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए गाड़ी मालिक का अथॉरिटी लेटर नहीं माना जा रहा है। आरएलए की ओर ये यह नियम लागू किया गया है।
नवंबर में आरएलए की ओर से गलत तरीके से गाड़ियाें की आरसी बनवाने का मामला सामने आया। इस गड़बड़ी की जांच चंडीगढ़ विजलेंस विभाग की ओर से की जा रही है। आरएलए कीे ओर से ब्लड रिलेशन में ही रजिस्ट्रेशन फाइल जमा की जा रही है। अब गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अथॉरिटी लेटर मान्य नहीं है। गाड़ी मालिक को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए खुद आना होगा या ब्लड रिलेशन में ही रजिस्ट्रेशन की फाइल जमा हो रही है।
अगर दूसरे लोग रजिस्ट्रेशन कराने आएंगे तो यह फाइल जमा नहीं ली जाएगी। आरएलए की ओर से वर्ष 2016 सितंबर में टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। टोकन सिस्टम से ही इसके लिए लोग फाइल तैयार कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस नियम की तब्दीली होने के बाद सेक्टर - 22 से आए सुरेश शर्मा ने बताया कि उन्हें इस नियम के बारे में पता नहीं था। इसलिए गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है।