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चंद घंटों की बारिश से कई सड़कें जाम, क्या फायदा ऐसी 'समार्ट सिटी' का?

Thu, 08 Jun 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Chandigarh rain
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मानसून से पहले हुई झमाझम बारिश ने शहर में जगह जगह पानी भर गया। शहर में आधा दर्जन पेड़ गिर गए और पार्किंग और पार्कों में पानी जमा हो गया। पार्कों में पानी जमा होने से न तो बच्चे खेल पाए और न ही उनके अभिभावक सैर कर पाए।  जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा जबकि नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रोड गलियों की सफाई का काम भी शुरू कर दिया गया लेकिन इसके बावजूद शहर में कई जगह पानी जमा हुआ।
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ट्रिब्यून चौक में सुबह बारिश के समय इतना पानी जमा हो गया कि एक बार तो कार के टायर भी दिखाई नहीं दे रहे थे ऐसा ही हाल सेक्टर-17 के बस स्टैंड चौक पर रहा। जबकि बारिश रुकने के बाद भी शहर के बाजारों की पार्किंग और पार्कों में शाम तक पानी जमा रहा। पार्कों में पानी जमा होने से शाम को न तो बच्चे खेल पाए और न ही लोग सैर कर पाए। जबकि सेक्टर-17 किक्रेट स्टेडियम चौक के बाहर की सड़क किनारे पर पानी पूरा दिन जमा रहा जबकि सेक्टर-15 ब्रिज के नीचे भी पानी जमा रहा। मनीमाजरा में कई जगह पानी जमा हो गया। सेक्टर-34 में पिकाडली सिनेमा के पिछली तरफ शोरूम नंबर- 118,119 और 120 के सामने पार्किंग में पूरा दिन पानी जमा रहा। यहां के व्यापारी अवतार सिंह का कहना है कि पूरा दिन पानी जमा रहा जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सेक्टर-18 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा का कहना है कि अभी तो मानसून शुरू नहीं हुआ है अभी यह हाल है तो आगे क्या होगा। उनका कहना है कि पार्कों में पानी जमा हो गया। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। पानी जमा होने से बच्चे खेल भी नहीं पाए और न ही उनके अभिभावक सैर कर पाएं हैं।
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मंडी में कीचड़ ही कीचड़ हो गया
सेक्टर-26 मंडी के अंदर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां पर खरीददारी करने आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद दुर्गंध भी आनी शुरू हो गई थी।

पहली बारिश में नए पार्क की दीवार गिरी
मनीमाजरा इंदिरा कालोनी के साथ बनाई जा रही ग्रीन बेल्ट की अभी शुरूआत भी नहीं हुई है लेकिन मंगलवार देर रात हुई बारिश में इस ग्रीन बेल्ट की दीवार गिर गई। जबकि कुछ माह ही इस ग्रीन बेल्ट की टो वाल बनाई गई है।

एक घंटे में 25 मिमी बारिश ही झेल सकता है ड्रेनज सिस्टम
शहर में जो पानी की निकासी के लिए अंदरुनी ड्रेनज सिस्टम है वह भी अब काफी कमजोर हो गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक घंटे में 25 मिमी बारिश ही ड्रेनज सिस्टम झेल सकता है अगर इससे ज्यादा बारिश होगी तो जलभराव होना लाजमी ही है। जबकि मानसून में एक एक घंटे में 50 से 60 मिमी बारिश भी हो जाती है।

पूर्व पार्षद की दुकान की इमारत खतरे में
पूर्व पार्षद राम लाल ने जनस्वास्थ्य विभाग के सुपरिंटेंडट इंजीनियर और मेयर को शिकायत की है कि उनकी सेक्टर-45 स्थित दुकान की नींव में पानी चला गया है। इससे उनकी दुकान की इमारत को खतरा हो गया है। रामलाल का कहना है कि उनकी दुकान के आगे जो गली है उसमे 100 फूट का एरिया बिना पेवर ब्लाक लगाए छोड़ दिया है जबकि बाकी जगह पर पेवर ब्लाक लगे हैं। पेवर ब्लाक न लगने से पानी का बहाव चेबर से होता हुआ इमारत की नींव पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वह वार्ड पार्षद को भी इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं।
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पहली बारिश में जमा हुआ पानी
मंगलवार देर रात 12.30 बजे मौसम ने एकाएक करवट ली। रात भर आंधी और तेज हवाओं के बीच बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह 8.30 बजे तक शहर में 61.5 एमएम बारिश हुई। बारिश के बाद बुधवार को दिनभर मौसम सुहावना रहा। वहीं, शहर के अधिकतम तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। विभाग का कहना है कि 8, 9 और 10 जून को भी मौसम सुहावना रहेगा, हल्की बूंदा-बांदी और तेज हवाओं के आसार रहेंगे।

बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते देर रात शहर में  बारिश हुई। विभाग ने चंडीगढ़ में 28 जून के आसपास मानसून की संभावना जताई है।

सुखना बढ़ा वाटर लेवल, अब नहीं निकलेगी गाद
देर रात शहर में हुई झमाझम बारिश से सुखना को भी थोड़ी राहत मिली। मंगलवार तक सुखना का वाटर लेवल 1152.35 फुट था। बुधवार को बारिश के बाद सुखना का वाटर लेवल 1152.50 फु ट दर्ज किया गया। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की मानें तो आने वाले दिनों में अगर इसी तरह बारिश हुई, तो सुखना से गाद नहीं निकाली जा सकेगी। फिलहाल सुखना से वीड निकालने का काम जारी है। इंजीनियरिंंग डिपार्टमेंट के कर्मचारी रोजाना 4 से 5 हजार स्कवेयर मीटर वीड निकाल रहे है। विभाग का दावा हैकि अगले एक महीनें के अंदर सुखना से पूरी तरह वीड निकाल ली जाएगी।
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