प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चंडीगढ़ यात्रा से अ को बड़ी उम्मीदें हैं। प्रशासन भी मोदी से बड़ी सौगात लेने की तैयारी में जुटा है।
सूत्रों के अनुसार यूटी प्रशासन द्वारा पीएमओ को उन सभी बड़े प्रोजेक्ट की लिस्ट भेजी गई है, जो बजट की कमी के कारण अधर में लटके हुए हैं। शहर के ऐसे करीब 6-7 प्रोजेक्ट हैं ,जिन्हें पूरा करने के लिए प्रशासन को 400 से 500 करोड़ रुपये की जरूरत है।
जानकारी अनुसार प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी के माध्यम से पीएमओ को अधूरे प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी भेजी है। प्रधानमंत्री से चंडीगढ़ की झोली में इन प्रोजेक्ट के लिए पैसा मिलने की संभावना है।
ये प्रोजेक्ट अटके हैं अधर में
जानकारी के अनुसार सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच को सुपर स्पेशलिटी कालेज बनाने के लिए 250 करोड़ की जरूरत है। यूटी प्रशासन द्वारा सेक्टर-53 में ट्रामा हास्पिटल और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के लिए भी जगह मार्क की हुई है। लेकिन चंडीगढ़ के सालाना बजट में इसके लिए पैसा नहीं मिल सका।
पीएमओ से धनास में प्रस्तावित पुलिस हाउसिंग सोसाइटी और सेक्टर-9 में सचिवालय कांप्लेक्स के लिए भी पैसा मांगा गया है। सचिवालय की बिल्ंिडग पर करीब 80 करोड़ की लागत आने की उम्मीद है।
स्मार्ट सिटी को चाहिए पानी और सिवरेज की नई पाइप लाइन
देश के टॉप 100 स्मार्ट सिटी में शामिल चंडीगढ़ में सीवरेज और पानी की अंडरग्राउंड पाइपों को बदलने का प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री शहर में सीवरेज और पानी की पाइप बदलने के लिए भी बजट की घोषणा कर सकते हैं। इस प्रोजेक्ट पर 70 से 80 करोड़ का खर्च आने की उम्मीद है।