आठ कर्मचारियों को निकालने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने पंचकूला सेक्टर-25 निवासी ठेकेदार महेश के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
चंडीगढ़ में 23 मार्च की मध्य रात्रि से कर्फ्यू लगाया गया है। इससे मजदूर व अन्य लोगों का काम पूरी तरह ठप है। लोगों के कमाई के रास्ते बंद हो गए है, जिस कारण ज्यादा मजदूर अलग-अलग जगहों से पलायन कर रहे हैं। सोमवार को चंडीगढ़ के सभी बॉर्डर एरिया पर पलायन कर रहे लोगों पर पूरी तरह रोक लगा दी। इसके बाद पुलिस ने पलायन कर रहे 68 पुरुष, 2 महिलाएं और 2 बच्चों को मलोया के शेल्टर होम में भेजा है। इनके खाने-पीने का बंदोबस्त किया गया है।
अहाते में काम करते थे सभी कर्मचारी
सोमवार को सिपाही मंजीत सिंह गश्त कर रहे थे। अंडर रेलवेब्रिज के पास 7-8 लोग रेलवे स्टेशन की तरफ जाते देखे। उन्होंने बताया कि वह ओल्ड रोपड़ पर शराब के ठेके के पास अहाते में काम करते हैं। यह अहाता पंचकूला के महेश कुमार ने लिया था। 22 मार्च से शराब के ठेके और अहाते बंद हैं।
सोमवार को ठेकेदार महेश ने उन्हें यह कहकर अहाते से निकाल दिया कि अब वो उनका खर्चा नहीं उठा सकते। इसलिए तुम लोग अपना अपना इंतजाम देख लो। इसके बाद पुलिस ने शिव कुमार, मनजीत, रिंकू, अनिल यादव, राम, सुनील, भीम दास और विकास शर्मा को मलोया शेल्टर होम भेज दिया। जबकि सेक्टर25 निवासी महेश के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने कहा है कि कोई भी मकान मालिक 1 महीने तक अपने किराएदार को किराए के लिए तंग नहीं करेगा और ना ही उसे बाहर निकालेगा। अगर कोई किराया मकान मालिक ऐसा करते हुए पाया गया तो पुलिस उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 10 (2) (एल) के तहत कार्रवाई करेगी।
शहर से अंदर बाहर नहीं जा सकेगा कोई
एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने डीएसपी थाना प्रभारियों के साथ मीटिंग की। सख्त निर्देश दिए गए कि एसएचओ/बीट स्टाफ अपने अपने संबंधित एरिया में गश्त बढ़ा दें। अगर कोई भी पलायन करता हुआ पाया जाता है तो शेल्टर होम पहुंचाएं। साथ ही बॉर्डर एरिया पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, कि अन्य राज्य से कोई प्रवासी चंडीगढ़ में प्रवेश न करे और किसी भी प्रवासी को चंडीगढ़ से जाने की अनुमति नहीं है।