आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए तीन पुलिस चौकियों को थाने में तबदील करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
चंडीगढ़ का मौजूदा हाल यह है कि रोज औसतन चोरी की चार वारदात हो रही हैं और महीने में तीन बलात्कार के मामले सामने आ रहे हैं।
अभी शहर में 11 पुलिस थाने और 17 पुलिस चौकियां हैं। यूटी प्रशासन और पुलिस को अब केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्रस्ताव को मंजूरी की प्रतीक्षा है।
यह है प्रस्ताव
1. मौलीजागरा पुलिस चौकी
पंचकूला की सीमा से लगता क्षेत्र है। रेलवे स्टेशन भी नजदीक है। इस क्षेत्र में हत्या, स्नैचिंग और झगड़े की वारदात आए दिन होती रहती हैं।
जांच के लिए पहुंचने वाली पुलिस टीम पर पथराव की भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। इस क्षेत्र पुलिस बल बढ़ाने की जरूरत बताते हुए इस चौकी को पुलिस स्टेशन में तबदील करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृहमंत्रालय को भेजा है।
2. धनास पुलिस चौकी
पंजाब के मुल्लापुर से लगती सीमा पर स्थित धनास आसपास जंगल का इलाका है। आए दिन शव मिलने और वारदात के मामले सामने आते हैं।
हाल ही में कालोनी नंबर पांच के पच्चीस हजार लोगों को भी पुनर्वास योजना के तहत यहां शिफ्ट किया गया है। इससे इलाके की आबादी और बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन यहां चौकसी बढ़ाने के लिए चौकी को थाने में तबदील करना चाहता है।
3. आईटी पार्क
यहां कई प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों के संस्थान हैं। यहां के उद्यमियों ने ही क्षेत्र में पुलिस स्टेशन की मांग की थी। इस पर पुलिस की ओर से सर्वे कराकर इस इलाके में थाने की जरूरत बताते हुए रिपोर्ट गृहमंत्रालय के भेज दी गई है।
अपराधिक वारदात
घटनाएं------------------------मामले
हत्या----------------------------19
हत्या के प्रयास-----------------47
दुराचार-------------------------35
अपहरण------------------------239
डकैती--------------------------09
रोबरी--------------------------56
बरगलरी-----------------------239
चोरी--------------------------1412
वाहन चोरी-------------------803
धोखाधड़ी---------------------235
स्नैचिंग----------------------180
(इस साल 1 जनवरी से 30 नवंबर तक दर्ज मामले)