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चंडीगढ़ पुलिस का 'ऑपरेशन तेजस': अपराध के दलदल में धंस रहे किशोर, निकालने के लिए खेल पर फोकस

Thu, 27 Feb 2025 01:52 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में 2020 में 78 किशोरों को गिरफ्तार किया गया था, जो 2021 में 83, 2022 में 116 और 2023 में बढ़कर 151 हो गई। पुलिस ने छह साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के आरोप में एक 12 वर्षीय लड़के को भी गिरफ्तार किया था।
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पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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चंडीगढ़ में पिछले 5 सालों से किशोरों की संख्या अपराध में बढ़ती जा रही है। पुलिस ने बच्चों को अपराध से दूर रखने और उनके भविष्य को देखते हुए ऑपरेशन तेजस शुरू किया है। जिसके तहत बच्चों के लिए स्पोर्ट्स एक्टिविटी करवाई जा रही हैं, ताकि उनका ध्यान खेल में रहे। 
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एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि पिछले तीन सालों में अपराध में किशोरों की संख्या बढ़ी है। बच्चों की परवरिश में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है। बच्चे को स्कूल भेजने से लेकर घर आने तक उसकी सभी गतिविधियों और संगत पर नजर रखें। अगर उनके व्यवहार में बदलाव महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह लें। अगर बच्चे नशा करते हैं तो उनमें बदलाव नजर आ जाता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें। पिछले तीन साल में साढ़े 350 से अधिक नाबालिग गिरफ्तार हो चुके हैं। पिछले 5 सालों से अपराध में नाबालिगों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

दुष्कर्म और हत्या के केसों में भी शामिल

साल 2020 से 2024 सितंबर तक पुलिस ने बलात्कार के लिए 34, हत्या के लिए 22 और हत्या के प्रयास के लिए 27 नाबालिगों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि नशे के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस बच्चों को अपराध से बचाने को लेकर लगातार जागरूक भी करती रहती है, लेकिन इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है।

वर्ष             कितने नाबालिग पकड़े
2020             78
2021             83
2022             116
2023             151

बच्चे की कंपनी पर निर्भर करता है सब

एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि अपराध करने वालों में देखा गया कि किसी बच्चे ने स्कूल छोड़ दिया तो बच्चे को दोबारा स्कूल में लाने की न तो स्कूल ने कोशिश की और न ही परिवार वालों ने। इसके अलावा बच्चे की कंपनी पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। अगर कंपनी क्राइम कर रही है तो बच्चा भी ऐसा ही हो जाता है।
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