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चंडीगढ़ पुलिस के पास तीन गुणा मैनपावर: फिर भी आठ घंटे से ज्यादा की ड्यूटी, अब सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

Tue, 18 Feb 2025 12:59 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के अनुसार, एक लाख लोगों पर 222 पुलिसकर्मी कर दिए जाएं तो आठ घंटे ड्यूटी करना संभव है। 2014 की चंडीगढ़ ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार एक लाख लोगों पर 629 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो बीपीआरएंडडी की स्टडी रिपोर्ट से तीन गुना ज्यादा हैं।
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पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस के पास अन्य राज्यों से तीन गुना ज्यादा पुलिसकर्मी हैं। इसके बावजूद चंडीगढ़ में अपराध नहीं रुक रहा। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) ने गृह मंत्रालय के आदेश पर 2014 में एक स्टडी की थी। इसमें सामने आया था कि देशभर की पुलिस की एवरेज के हिसाब से एक लाख लोगों पर 145 पुलिसकर्मी ड्यूटी कर रहे हैं।

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स्टडी में बताया गया कि एक लाख लोगों पर 222 पुलिसकर्मी कर दिए जाएं तो आठ घंटे ड्यूटी करना संभव है। 2014 की चंडीगढ़ ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार एक लाख लोगों पर 629 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो बीपीआरएंडडी की स्टडी रिपोर्ट से तीन गुना ज्यादा हैं। 2018 में लोकसभा में सवाल नंबर 3402 के तहत सरकार से पूछा गया था कि किस डीजीपी ने बीपीआरएंडडी की स्टडी के अनुसार आठ घंटे की ड्यूटी को लागू किया है। अगर लागू नहीं किया तो क्यों नहीं किया गया।

इस पर चंडीगढ़ पुलिस ने जवाब दिया था कि उनके पास मैनपावर नहीं है। चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड हवलदार जगजीत सिंह ने ऑडिट रिपोर्ट और बीपीआरएंडडी की स्टडी को लेकर चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक छुट्टी के साथ आठ घंटे ड्यूटी करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की थी। जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी। 
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आठ घंटे की ड्यूटी के लिए एक अन्य राज्य से भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिसपर एक साथ देशभर की पुलिस की आठ घंटे की ड्यूटी को लेकर सुनवाई होगी।

फरलो पर रहते हैं पुलिसकर्मी 

पीआईएल में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि चंडीगढ़ पुलिस में कुप्रबंध और फरलो के कारण आठ घंटे की ड्यूटी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। अगर फरलो और कुप्रबंध न हो तो पुलिसकर्मियों से आठ घंटे की सही तरीके से ड्यूटी लेकर अपराध पर कंट्रोल किया जा सकता है।

12 हजार 156 थाने किए थे स्टडी में शमिल 

बीपीआरएंडडी ने गृहमंत्रालय के निर्देश पर 2014 में एक स्टडी की थी कि क्यों आठ घंटे ड्यूटी जरूरी है। इसमें 12 हजार 156 पुलिस थाने, एक हजार 3 एसएचओ, 962 आईपीएस ऑफिसर और 319 पुलिस जिला, 23 राज्य और दो यूटी की स्ट्डी की गई। इसमें पाया कि विश्व के कई अच्छे देश जैसे यूके की कैंट पुलिस, कनाडा की ओटावा, यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और हांगकांग में शिफ्ट सिस्टम का प्रावधान है। बेहतरीन पुलिसिंग को लेकर इन देशों का नाम है।

केरल में कैमरे लगाकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भेजा थाने

कुप्रबंध के लिए बीपीआरएंडडी की स्टडी ने यह बताया कि केरला पुलिस ने ट्रैफिक लाइट पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को थानों में भेज दिया ताकि पुलिसकर्मियों की आठ घंटे ड्यूटी हो सके, जबकि चंडीगढ़ में हर जगह पर कैमरे लगने के साथ ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात किए हैं। अगर कैमरे लगे हैं तो उन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सही जगह पर इस्तेमाल किया जा सकता है। 
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क्या कहते हैं पंजाब पुलिस रूल्स

पंजाब पुलिस रूल्स के मुताबिक अंग्रेजों ने अपनी कॉलोनी में पुलिस बीट कांस्टेबल की साप्ताहिक छुट्टी के साथ पांच घंटे ड्यूटी तय की थी, ताकि पुलिसकर्मी दुरुस्त हालत में ड्यूटी कर सके। पंजाब पुलिस रूल 1934 में अंग्रेजों ने बनाए थे।

भारत में 40 प्रतिशत पुलिसकर्मी करते हैं 14 घंटे से ज्यादा ड्यूटी

बीपीआरडीओ की स्टडी में पाया गया था कि भारत की 90 प्रतिश पुलिस वाले 8 घंटे से ऊपर ड्यूटी करती है। 40 प्रतिशत पुलिस कर्मी बिना साप्ताहिक छुट्टी के 14 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करती है। जिससे फिजिकल और मानसिक स्वास्थ्य तो खराब होता ही है बल्कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी लोगों के प्रति ठीक नहीं रहता। इस कारण से लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

हाईकोर्ट से हवलदार की याचिका हो चुकी थी खारिज 

चंडीगढ़ पुलिस के हवलदार ने साल 2019 दिसंबर में पुलिसकर्मियों की आठ घंटे की ड्यूटी और साप्ताहिक छुट्टी को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने यह बोलकर खारिज कर दिया था कि यह देखना वरिष्ठ अधिकारियों का काम है। इसके बाद हवलदार जगजीत सिंह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
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