चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में 2015 में हुई 1100 शिक्षकों की भर्ती में लाखों रुपये देकर भर्ती होने वाले मुन्नाभाई शिक्षकों को नौकरी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। सूत्रों के अनुसार शिक्षकों की पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का अभी कोई आदेश नहीं है।
जानकारी के मुताबिक पूरे मामले को अंजाम देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पेपर लीक कर पूरे अंक लेने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। एसआईटी ने 20 ऐसे शिक्षकों की पहचान कर ली है जिन्होंने 7 से 10 लाख देकर नौकरी हासिल की है।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी टीम की जांच में साफ हो गया है कि कई ऐेसे केंडीडेट्स के पंजाबी में पूरे अंक आए हैं जिन्होंने कभी पंजाबी विषय को पढ़ा भी नहीं था। पुलिस द्वारा ऐसे शिक्षकों की जानकारी शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को दे दी गई है। एसआईटी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने संदिग्ध सभी शिक्षकों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। वहीं मामले में फंसते दिख रहे कई शिक्षक छुट्टी लेकर भी स्कूल से गायब हो रहे हैं, लेकिन पुलिस ने सभी संदिग्ध मुन्नाभाई शिक्षकों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। इन शिक्षकों के फोन से संपर्क और मूवमेंट पर भी काफी दिनों से नजर है।