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चंडीगढ़ पुलिस ने बदली प्रक्रिया: किरायेदारों का सत्यापन अब घर बैठे होगा, नहीं लगाने पड़ेंगे थानों के चक्कर

Mon, 14 Jul 2025 04:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में मकान मालिक अब ई-साथी ऐप के जरिए घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और पुलिस चार दिन के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर लेगी। इससे पुलिस को भी मौके पर जाकर वेरिफिकेशन नहीं करना पड़ेगा। सत्यापन की पूरी जानकारी ई-बीट बुक में ऑनलाइन दर्ज होगी।
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पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अब चंडीगढ़ के लोगों को किरायेदारों और घरेलू नौकरों का पुलिस सत्यापन करवाने के लिए न तो थानों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही संपर्क केंद्रों में लंबी कतारों में लगना होगा। चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी कंवरदीप कौर की पहल पर ई-बीट बुक सिस्टम को और अधिक आधुनिक बना दिया गया है। इस अपग्रेड के साथ अब पूरा सत्यापन डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा।

5 से 20 जुलाई तक कैंप, इसके बाद लापरवाही पर एफआईआर

एसएसपी कंवरदीप कौर ने आदेश दिए हैं कि 5 जुलाई से 20 जुलाई तक सभी थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए जागरूक करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि हर किरायेदार और नौकर का सत्यापन हो। अगर निर्धारित समय के बाद किसी का सत्यापन लंबित पाया गया, तो मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्यूआर कोड स्कैन से अपराधी का रिकॉर्ड तुरंत होगा उजागर

नई प्रणाली के तहत जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन सत्यापन के लिए आवेदन करता है, तो उसके आधार कार्ड के QR कोड को "एम आधार" ऐप से स्कैन किया जाएगा। इसके बाद उस व्यक्ति की संपूर्ण जानकारी पुलिस के पास आ जाएगी । चाहे वह हरियाणा, हिमाचल या किसी और राज्य का हो।

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पुलिस इसका मिलान आईसीजेएस ( इंटर क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम ) और केंद्रीय डेटा से करेगी। अगर किसी व्यक्ति पर एफआईआर या क्रिमिनल रिकॉर्ड दर्ज है, तो वह तुरंत सामने आ जाएगा। इससे अपराधियों को अब फर्जी पहचान बनाकर किराए पर रहने का मौका नहीं मिलेगा।

अब तक 2076 किरायेदार और 1562 नौकरों का वेरिफिकेशन पूरा

चंडीगढ़ पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 5 जुलाई से 11 जुलाई के बीच अब तक 2076 किरायेदारों और 1562 नौकरों का सत्यापन किया जा चुका है।

ई-बीट बुक: हाथ से लिखे रजिस्टर से डिजिटल सिस्टम तक
पहले बीट पुलिस हाथ से लिखे बीट रजिस्टर में जानकारी दर्ज करती थी। साल 2009 में इसे डिजिटल किया गया और ई-बीट बुक के रूप में ऑनलाइन दर्ज किया जाने लगा। अब इसे और अधिक अपग्रेड कर ऑनलाइन क्राइम चेक और सत्यापन जैसी नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

थाना-वार सत्यापन आंकड़े (5–11 जुलाई 2025)

थाना              किरायेदार           नौकर

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थाना-3             71                 95
थाना-11           71                 104
थाना-17          36                 112
सारंगपुर          40                    4
थाना-26        127                140
थाना-19         70                  90
आईटीपी         94                   31
एमएम           78                   192
आईए            250                  141
एमजे             258                 14
थाना-31         81                 61
थाना-34         153               162
थाना-36          240              225
थाना-39          239              94
थाना-49           98               77
मलोया            170              20
 

नई व्यवस्था के मुख्य लाभ

अपराधियों को नहीं मिलेगा संरक्षण – क्रिमिनल बैकग्राउंड तुरंत सामने आ जाएगा
फर्जी दस्तावेज पर लगाम – आधार स्कैन से असली-नकली की पुष्टि
तेज और पारदर्शी प्रक्रिया – 4 दिन में सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्डिंग
जन-जागरूकता अभियान – सभी थानों द्वारा कैंप के माध्यम से प्रचार

लोग अब कहीं से भी ई-साथी ऐप के जरिए पुलिस सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी थानों की पुलिस अपने क्षेत्रों में कैंप लगाकर इस डिजिटल पहल के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। – कंवरदीप कौर, एसएसपी चंडीगढ़

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