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राष्ट्रीय खेलों में 11 पदक ही जीत पाए चंडीगढ़ के खिलाड़ी

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चंडीगढ़। राष्ट्रीय खेलों में चंडीगढ़ का सफर कुल 11 पदक के साथ खत्म हुआ। गुजरात में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन 28 सितंबर से 12 अगस्त तक किया गया। इसमें चंडीगढ़ से 25 खेलों में 200 के करीब खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
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खिलाड़ियों के साथ 45 के करीब कोच और ऑफिशल्स ने शिरकत की थी। राष्ट्रीय खेलों में शहर के खिलाड़ियों से अधिक मेडल की उपेक्षा की जा रही थी लेकिन गोल्फ, रेसलिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, फेंसिंग, मुक्केबाजी, सॉफ्ट टेनिस को छोड़कर अन्य खेलों में खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन रहा।
19वें स्थान पर रहा चंडीगढ़
राष्ट्रीय खेलों में सेना 61 स्वर्ण, 35 रजत, 32 कांस्य पदकों के साथ कुल 128 मेडल लेकर अंक तालिका में पहले स्थान पर रही। पंजाब 19 स्वर्ण, 32 रजत, 25 कांस्य पदक के साथ कुल 76 पदक जीतकर 10वें स्थान पर रहा। चंडीगढ़ तीन स्वर्ण, चार रजत, चार कांस्य पदक के साथ कुल 11 मेडल लेकर 19वें स्थान पर रहा।
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खेल पॉलिसी का भुगतना पड़ा खामिजाया
शहर की खेल पॉलिसी न होने पर शहर को मिलने वाले पांच मेडल पड़ोसी राज्य पंजाब के खाते में चले गए। राष्ट्रीय खेलों में निशानेबाजी में चंडीगढ़ के रहने वाले विजयवीर सिद्दू ने टीम इवेंट और एकल वर्ग में दो स्वर्ण पदक हासिल किए थे। वहीं, शहर की रहने वाली तैराक चाहत अरोड़ा ने 50 मीटर और 100 मीटर में दो गोल्ड के साथ दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 200 मीटर में सिल्वर पदक जीता था। इन दोनों के मिलाकर पांच पदक पंजाब की झोली में गए। क्योंकि शहर की खेल पॉलिसी न होने कारण यह दोनों खिलाड़ी चंडीगढ़ के बजाए पंजाब से खेलते हैं।
इन खेलों में हिस्सा लिया था
राष्ट्रीय खेलों में चंडीगढ़ से ऑर्चरी, बॉक्सिंग, क्याकिंग एंड कैनोइंग, तलवारबाजी, जिमनास्टिक, हैडबॉल, जूडो, कबड्डी, मलखंभ, रोलर स्पोर्ट्स, रोइंग, रग्बी, सॉफ्टबाल, सॉफ्ट टेनिस स्क्वैश, ट्राइथोलन, वॉलीबाल, वेट लिफ्टिंग, रेसलिंग, वुशू, योगआसन, तैराकी, गोल्फ, शूटिंग के खेलों में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।
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