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पीजीआई में इसी हफ्ते बच्चों पर शुरू होगा सीरो सर्वे, एंटीबॉडीज का पता लगाएगा

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चंडीगढ़। पीजीआई इसी हफ्ते शहर के बच्चों पर सीरो सर्वे शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए यह पता लग जाएगा कि दूसरी लहर में कितने फीसदी बच्चे कोरोना की चपेट में आए और उनमें एंटीबॉडीज की क्या स्थिति है। इसके लिए पीजीआई ने ट्राइसिटी की जनता से आग्रह किया है कि वे इस सर्वे में सहयोग के लिए आगे आएं।
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बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में पीजीआई तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों में जुटा है। इसी के तहत यह सर्वे किया जा रहा है। ताकि नतीजों को देखते हुए आगे की तैयारी की जा सके। इस सर्वे के लिए पीजीआई को यूटी प्रशासन ने फंड भी रिलीज कर दिया है।
पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम ने बताया कि यह सर्वे दो हजार बच्चों पर किया जाएगा, जिसकी शुरुआत इसी सप्ताह हो सकती है। यह सर्वे एक माह में पूरा हो जाएगा। उसके बाद पीजीआई अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। प्रो. जगतराम कहते हैं कि यह सर्वे उन बच्चों के प्रतिशत का अनुमान लगाने में मदद करेगा, जिनमें पहले से ही एंटीबॉडीज मौजूद हैं, जो पिछले संक्रमण का एक अप्रत्यक्ष मार्कर है और नीतिगत मामलों में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि बच्चों के बीच टीकाकरण यदि निकट भविष्य में शुरू किया गया तो इस डाटा के जरिए जरूरी व्यवस्था हो सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रो. जीडी पुरी, डीन (अकादमिक) की देखरेख में यह सर्वे होगा। इसमें वायरोलॉजी और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की टीम भी काम करेगी।
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इनसेट----
सीरो सर्वे के लिए शहर को तीन जोन में बांटा गया
पहला जोन : सेक्टर-3, 6, 22, 24, 29, 36, 46, 47, 48, 56।
दूसरा जोन : गांव खुड्डा जस्सू, धनास, मलोया, मौलीजागरां, मक्खन माजरा, रायपुरकलां, बुड़ैल, (सेक्टर-45), अटावा (सेक्टर 42), कजहेड़ी (सेक्टर- 52)।
तीसरा जोन : हल्लोमाजरा, कॉलोनी नंबर चार, औद्योगिक क्षेत्र, भास्कर कॉलोनी, संजय कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, बापूधाम, मौलीजागरां, डड्डूमाजरा कॉलोनी नंबर पांच एसबीएस कॉलोनी, मनीमाजरा।
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ऐसे होता है सीरो सर्वे
इस सर्वे को सेरोलॉजी टेस्ट के जरिए किया जाता है। इस टेस्ट में व्यक्ति के शरीर में खास संक्रमण के खिलाफ बनने वाले एंटीबॉडीज की मौजूदगी का पता लगाया जाता है। अब देखा जाता है कि क्या व्यक्ति के इम्यून सिस्टम ने संक्रमण का जवाब दिया है। ह्यूमन बॉडी में दो तरह की एंटीबॉडीज बनती हैं। एक आईजीएम और दूसरा आईजीजी। ये दोनों ही संक्रमण के खिलाफ काम करते हैं। आईजीजी एंटीबॉडीज शरीर में लंबे समय तक रहते हैं।
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सीरो सर्वे का महत्व
सीरो सर्वे दो चीजें दर्शाता है। पहली कि कितनी फीसदी जनसंख्या वायरस की चपेट में आई है। दूसरा, कौन से ग्रुप में वायरस के लक्षण ज्यादा पाए गए हैं। यही वजह इस सर्वे को बाकी सर्वे से अलग बनाता है।
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