अब पीजीआई में इलाज के लिए चंडीगढ़ तक आने की जरूरत नहीं होगी। लोगों को बड़ी राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश में सेटेलाइट सेंटर खोलने को मंजूरी दे दी गई है। वहीं यह पहली बार हुआ है कि तीन महीने में किसी प्रोजेक्ट का प्रस्ताव आया और करोड़ों रुपये की ग्रांट भी जारी कर दी गई हो। ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है। हिमाचल प्रदेश में कुछ ही दिनों में चुनाव की घोषणा होनी है। इसे ध्यान में रखते हुए पीजीआई के ऊना में बनने वाले सेटेलाइट सेंटर के लिए 495 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है।
खास यह है कि इसी साल मई के दूसरे हफ्ते में गवर्निंग बाडी की मीटिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सेटेलाइट सेंटर खोलने का प्रस्ताव लाए थे और शनिवार 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और नीति आयोग के सदस्यों की मीटिंग में सेटेलाइट सेंटर के लिए ग्रांट भी जारी कर दी गई। यानी कि मात्र तीन महीने के भीतर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव आया और उसकी मंजूरी भी मिल गई। जबकि अन्य प्रोजेक्टों की मंजूरी में सालों लग जाते हैं। ऊना के सेटेलाइट सेंटर के साथ अलावा मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर को भी मंजूरी दी गई है। इन दोनों सेंटर को मंजूरी मिलने में कम से कम सात साल लग गए।
डेढ़ साल से लटका है फिरोजपुर सेंटर
फिरोजपुर सेंटर पिछले डेढ़ साल से लटका है। पिछले साल सात अगस्त को गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में फिरोजपुर सेटेलाइट सेंटर की घोषणा हुई थी। पीजीआई में आयोजित गवर्निंग बाडी की मीटिंग में सेटेलाइट सेंटर को प्रिंसिपल मंजूरी दी गई है। इसी तरह से पंजाब का संगरूर सेटेलाइट सेंटर खुलने में ढाई से तीन लग गए थे।
क्या-क्या होगा ऊना के सेटेलाइट सेंटर में
ऊना में सेटेलाइट सेंटर खुलने से हिमाचल के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। पीजीआई में आने वाले मरीजों में एक बड़ा हिस्सा हिमाचल का होता है। ऊना का सेटेलाइट सेंटर 300 बेड का होगा। यह सेंटर बिल्कुल संगरूर जैसा होगा। इसमें मेडिसिन, गाइनेकोलाजी, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, आप्थलमोलाजी, ईएनटी, डेंटल, रेडियोलाजी, डरमेटोलाजी व अन्य डिपार्टमेंट खोले जाएंगे। इसके निर्माण के लिए करीब 495 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इन प्रोजेक्टों की भी मिली मंजूरी
ऊना सेटेलाइट सेंटर के अलावा एडवांस मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर के लिए 485 और 495.31 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। मदर एंड चाइल्ड सेंटर में एचडीयू, आईसीयू, मेडिसिन यूनिट, रोबोटिक सर्जरी, नीकू, मिल्क बैंक व एडवांस इनफर्टिलिटी सेंटर की सुविधा होगी। इसके अलावा यूनिट में हेल्थ प्रोफेशनल को ट्रेनिंग देने एडवांस रिसर्च की सुविधा होगी। एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर भी 300 बेड का होगा। इसमें ओटी, आईसीयू व अन्य सुविधाएं होंगी। नई दिल्ली में आयोजित मीटिंग में पीजीआई डायरेक्टर डा. जगत राम, डिप्टी डायरेक्टर अमिताभ अवस्थी, एसके गुप्ता, वनीता सूरी और सुशील ठाकुर सहित अन्य मौजूद थे।