फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष पर रैगिंग का आरोप, पीड़ित ने कहा-मुझे रुलाया

Sat, 31 Aug 2024 10:45 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का उद्देश्य रेजिडेंट डॉक्टर के बेहतरी के लिए कार्य करना है। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले वर्षों में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए मानसिक तनाव प्रबंधन संबंधी हेल्पलाइन की भी शुरुआत की गई थी लेकिन इस एक घटना ने सारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ पीजीआई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ पीजीआई में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष की ओर से संस्थान के ही स्नातक छात्र के मानसिक उत्पीड़न और रैगिंग का मामला सामने आया है। 

विज्ञापन


इससे परेशान होकर छात्र ने दो बार पीजीआई निदेशक को लिखित शिकायत दे चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे छात्र बेहद तनाव में है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस संबंध में पूछे जाने पर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अनभिज्ञता जाहिर करते कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि ऐसा कब हुआ।

अपमानित महसूस कर रहा हूं

पीजीआई के क्लीनिकल विभाग के स्नातक छात्र ने रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न से संबंधित अपनी पहली शिकायत 6 अगस्त को पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल को लिखित रूप में दी थी। इस पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने दोबारा 29 अगस्त को निदेशक को एक रिमाइंडर भेजा। इसमें कहा कि लगातार कोई जवाब नहीं मिलने से वह खुद को अपमानित महसूस कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अध्यक्ष पर चिल्लाने का आरोप

वहीं, छात्र ने अपने पत्र के माध्यम से पीजीआई निदेशक को बताया है कि वह रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पिछले अध्यक्षों के साथ अधिकांश कार्यक्रमों में डिजिटल डिजाइनिंग और पोस्टर बनाने में मदद करता रहा है। इसी क्रम में 31 जुलाई को जब वह ओल्ड डॉक्टर हॉस्टल स्थित जिम में गया तो वहां एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर हरिहरन ने उसे अंदर आने से रोक दिया और कहा कि गार्ड को बुलाकर तुम्हें बाहर निकलवा दूंगा। इसके साथ यह भी बताया कि उसे ओल्ड डॉक्टर हॉस्टल में आने की अनुमति नहीं है। इससे उसे बहुत दुख हुआ और सार्वजनिक रूप से अपमानजनक महसूस हुआ। पत्र में उसने आगे बताया है कि अध्यक्ष सार्वजनिक रूप से उस पर कई बार चिल्लाए, उसे रुलाया। अध्यक्ष की हरकतों से उसकी गरिमा और सेहत को काफी नुकसान पहुंचा है।

एआरडी पर पहली बार लगा आरोप

पीजीआई में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (एआरडी) के अध्यक्ष पर रैगिंग का आरोप लगने का यह अब तक का पहला मामला है। वहीं, एआरडी के एक पदाधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष के गलत व्यवहार के कारण पैनल के एक सदस्य ने पूर्व में संगठन से इस्तीफा भी दे दिया है। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि अध्यक्ष का व्यवहार काफी अड़ियल है।

रैगिंग की पहले भी आ चुकी है शिकायत

अप्रैल 2021 में पीजीआई एमसीएच न्यूरो सर्जरी प्रथम वर्ष के रेजिडेंट ने लिखित शिकायत की थी कि पीजीआई में जॉइन करने के बाद उसके साथ वरिष्ठों ने रैगिंग की थी। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए उसके क्षेत्र का ताना मार कर उसे जलील किया गया था, इसलिए उसने तनाव में आकर अंतत: पढ़ाई छोड़ना उचित समझा और घर लौट गया था।

हम मामले की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि संस्थान सभी के लिए सुरक्षित कार्य स्थल उपलब्ध कराए। -प्रो. विवेक लाल, पीजीआई निदेशक
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें