मांगें पूरी न होने पर नर्सों ने चंडीगढ़ पीजीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक फरवरी से वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी। पीजीआई नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
पीजीआई के निवेदिता हास्टल में आयोजित बैठक में प्रेसिडेंट लखविंदर सिंह ने बताया कि नई नर्सों को आठ घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है, जबकि अन्य नर्सों को सिर्फ छह घंटे की ड्यूटी है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखविंदर ने बताया कि इस बारे में कई बार आंदोलन किया गया। डायरेक्टर के समक्ष भी मुद्दा उठा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने भी नर्सों ने मांगें रखीं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि नर्र्सों की दूसरी मांग घरों की है। नर्सों की संख्या के हिसाब से घर काफी कम हैं।
पीजीआई ने पिछले दस साल में 70 ही नए घर बनाए हैं। इससे सिर्फ नर्सिंग स्टाफ ही नहीं बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी मांगों को लेकर नर्सिंग एसोसिएशन ने अब विरोध करने का फैसला किया है।
एक फरवरी से रोजाना पीजीआई डायरेक्टर ऑफिस के बाहर दो नर्सें भूख हड़ताल पर बैठेंगी और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। भूख हड़ताल को पीजीआई इंप्लायज यूनियन, मेडिकल टेक्नोलाजिस्ट यूनियन व आल इंडिया सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियंस ने भी अपना समर्थन दिया है।