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प्रशासन फेल, ऐसे चल रहा पीजी का खेल, 90 हजार किराया, वसूलते थे तीन लाख 40 हजार

Mon, 24 Feb 2020 02:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर 32 स्थित कोठी को दो लोगों ने पार्टनरशिप में किराए पर ले रखा था। दोनों मकान मालिक को 90 हजार रुपये किराया देते थे। वहीं दो मंजिला घर में 34 लड़कियों से तीन लाख 40 हजार रुपये वसूलते थे। लाखों रुपये किराया आने के बावजूद पीजी संचालक सुरक्षा मानकों को ठेंगा दिखाकर चिढ़ा रहे थे। इस ओर न प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान गया और न पुलिस का।

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मकान नंबर 3325 के मकान मालिक सेक्टर 30 निवासी गौरव अनेजा ने सेक्टर 32 निवासी नीतेश बंसल और नीतेश पोपली को किराए पर अपना घर दे रखा था। दोनों इसके एवज में 90 हजार रुपए किराया देते थे। दोनों ने घर की दो मंजिला इमारत में फाइबर और लकड़ी के पाटीशन लगाकर छोटे-छोटे केबिन बना रखे थे।

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इसके अलावा तीसरी मंजिल पर पीछे की ओर टीनशेड लगाकर भी कुछ केबिन बनाए थे। पूरे मकान में 30 कमरे बने हुए थे और 34 लड़कियां रहती थीं। प्रत्येक लड़की से 10 हजार रुपए लेते थे। इसमें दो समय का खाना भी शामिल रहता था। वहीं गर्मी के दिनों में एसी का बिल अलग से लेते थे।

हर माह लाखों रुपये किराया आने के बावजूद पीजी संचालक ने सुरक्षा मानकों को दरकिनार रखा था। हादसे केे वक्त निकलने के लिए संकरी सीढ़ियां ही एकमात्र विकल्प था लेकिन वहां आग भड़की हुई थी। इस हादसे में लड़कियां घबरा गईं और खुद को बचाने में नाकाम रहीं। दो लड़कियों ने सूझबूझ का सहारा लिया और पीछे के रास्ते से बाहर निकल आईं।
 
आसापास के लोगों का कहना था कि एस्टेट ऑफिस के अधिकारी और पुलिस की मिलीभगत का ही नतीजा है कि अवैध पीजी संचालित हो रहे हैं। अन्यथा किसी भी हाल में शहर में गैरकानूनी काम नहीं हो सकता। फिलहाल नीतेश बंसल पुलिस गिरफ्त में हैं। वहीं मकान मालिक गौरव अनेजा और नीतेश पोपली फरार हैं।
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