चंडीगढ़ सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस में वायुसेना का पहला विरासत केंद्र बन रहा है। यहां पर लोग मिग-21 और जीनैट विमान भी देख सकेंगे। इन विमानों को एक पोल के सहारे स्थापित किया जाएगा। विरासत केंद्र के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि जनवरी 2023 में इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा।
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने मिग-21 और जीनैट विमान को विरासत केंद्र में स्थापित करने के लिए एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। इस पर करीब 25 लाख का खर्च आएगा। टेंडर की शर्तों के अनुसार, जो भी एजेंसी तय की जाएगी उसे यह काम दो महीने के अंदर पूरा करना होगा। इसके अलावा विरासत केंद्र के फॉल सीलिंग के लिए भी एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं जबकि सीसीटीवी कैमरे, लाइट्स लगाने व फर्श की मेंटेनेंस आदि का काम आवंटित कर दिया गया है।
प्रेस बिल्डिंग के भूतल पर 15,600 वर्ग फुट में यह विरासत केंद्र बन रहा है। प्रशासन और वायुसेना के बीच हुए एमओयू के अनुसार विरासत केंद्र के रखरखाव का काम प्रशासन देखेगा जबकि यहां पर सभी तरह के सामान, हथियार व अन्य औजार वायुसेना प्रदान करेगी। केंद्र में एयरो इंजन, एयरक्राफ्ट, कियोस्क और अन्य वायुसेना आर्टिफैक्ट्स जिसमें मशीन/फिक्स्चर इत्यादि, वायुसेना की उपलब्धियों और व्यक्तित्व पर वीडियो, फिल्म सहित पर्याप्त प्रचार सामग्री और लोगों को जानकारी देने के लिए सेना की तरफ से गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
27 अगस्त 2021 को पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की उपस्थिति में चंडीगढ़ प्रशासन और वायुसेना के बीच इस विरासत केंद्र को बनाने के लिए सहमति बनी थी और तीन जून 2022 को समझौता हुआ था।