ये सोचकर कि आप सुरक्षित हो गए हैं या आपने सिर्फ इसे दूसरों को देखकर शौक के लिए गाड़ी में बुलगार्ड लगवाया है तो सावधान हो जाएं। बुल गार्ड से आपकी सुरक्षा नहीं होगी, बल्कि यह आपके लिए आफत लेकर आ सकता है। बुल गार्ड सिर्फ आपकी गाड़ी के अगले और पिछले बंपर को स्क्रेच लगने से बचा सकता है, न कि आपको। अब तो केंद्र सरकार ने भी राज्यों को ऐसी गाड़ियों के चालान करने के आदेश दिए हैं, जिन पर बुल गार्ड लगे हैं। अपनी मर्जी से लगाया गया बुल गार्ड मोटर व्हीकल एक्ट में अवैध मोडिफिकेशन है।
ट्राइसिटी में ऐसे वाहनों का चालान होना भी शुरू हो गया है, जिन पर बुल गार्ड लगा है। बुल गार्ड लगवाने का चलन एसयूवी और एमयूवी सेगमेंट की गाड़ियों पर सबसे ज्यादा है। बुल गार्ड की वजह से अकसर गाड़ी में लगा एबीएस सिस्टम काम नहीं करता। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे हादसे हुए जब कोई राहगीर या दोपहिया वाहन चालक किसी गाड़ी से टकराकर बुल गार्ड में फंस गया और गाड़ी से घिसटता चला गया। ऐसे केस रिपोर्ट होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर हुई थी, जिस पर केंद्रीय परिवहन विभाग को नोटिस हुआ। उसके बाद केंद्र से राज्यों को कार्रवाई के लिए कहा गया था। इस पर चालान होना शुरू हो गए हैं। वहीं कुछ लोग अपनी गाड़ी से बुल गार्ड हटवाने लगे हैं।
गाड़ी पर बुल गार्ड का नुकसान
एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिस गाड़ी पर बुल गार्ड लगा होता है, उसके एयर बैग खुलने के चांस कम हो जाते हैं। एयर बैग तभी खुलते हैं जब गाड़ी की टक्कर सीधी और बंपर पर लगे सेंसर पर उसका प्रभाव पड़े। लेकिन बंपर पर बुल गार्ड लगा होने की वजह से सेंसर पर प्रभाव नहीं पड़ता और इसके चलते अकसर एयर बैग नहीं खुल पाता। मौजूदा समय में मार्केट में आ रही ज्यादातर गाड़ियों में एबीएस सिस्टम है। इसमें एयर बैग और एडवांस ब्रेक सिस्टम का प्रावधान है, लेकिन बुल गार्ड की वजह से कई बार यह सिस्टम काम नहीं कर पाता। ऐसे में टक्कर लगने पर स्टेयरिंग बहुत तेजी से छाती पर लगता है, जिससे पसलियां भी टूट सकती हैं।
शहर में है बड़ा कारोबार
चंडीगढ़ के सेक्टर-28, 45 और मनीमाजरा में कार असेसरीज का बड़ा कारोबार है। बुल गार्ड भी एक तरह की असेसरीज है, जो कार के मालिक लोकल मार्केट से लगवाते हैं। हैचबैक, सिडान और एसयूवी के लिए अलग-अलग सेगमेंट में बुल गार्ड आते हैं। सबसे न्यूनतम स्तर के गार्ड की कीमत करीब 1500 रुपये है, जो गाड़ी के अगले और पिछले बंपर पर लगता है।
हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्र ने जारी किए थे आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें बुल गार्ड को जानलेवा बताते हुए उचित आदेश जारी करने की अपील की गई थी। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन विभाग को नोटिस किया था। इस पर सड़क परिवहन विभाग ने सभी राज्यों में बुल गार्ड लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। राज्य सरकारों को गत दिसंबर के अंत में आदेश मिले और उसके बाद सभी जिलों में इसे सर्कुलेट किया गया। कुछ दिन तक वाहन चालकों को बुल गार्ड हटवाने के लिए जागरूक किया गया।
पंचकूला में अब तक 19 चालान
पंचकूला पुलिस ने जनवरी के पहले सप्ताह में ऐसे वाहन चालकों को रोककर जागरूक किया, जिन्होंने बुल गार्ड लगा रखे थे। एक सप्ताह के बाद चालान करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। पंचकूला हाईवे ट्रैफिक प्रभारी इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि अब तक बुल गार्ड के 19 चालान किए जा चुके हैं। हाईवे पर ज्यादातर वाहन दूसरे शहरों के आते हैं, लेकिन बुल गार्ड के खिलाफ सख्त आदेश हैं। चालान बुक के सेक्शन 71 के तहत बुल गार्ड का चालान किया जाता है। इसमें वाहन पर अवैध मोडिफिकेशन का अपराध बनता है।
चंडीगढ़ एसटीए ने नहीं शुरू की कार्रवाई
चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने अभी तक ऐसे वाहनों का चालान करना शुरू नहीं किया है, जिन पर बुल गार्ड लगा हो। एसटीए के अधीन शहर में चलने वाले कामर्शियल व्हीकल आते हैं और कई ऐसी लोडिंग गाड़ियां देखी जा सकती हैं, जिन पर बुल गार्ड लगा हुआ है। वहीं एसटीए के एडिशनल सेक्रेटरी राजीव तिवारी के मुताबिक बुल गार्ड वाले वाहनों के चालान किए जाएंगे।
क्या कहते हैं चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी
चंडीगढ़ ट्रैफिक डीएसपी यशपाल विनायक का कहना है कि फिलहाल एसटीए से इस नोटिफिकेशन को लागू करने के बारे में विचार किया जा रहा है। पुलिस ने अभी चालान काटना शुरू नहीं किया, लेकिन शहर की जितनी भी मोटर मार्केट हैं वहां जाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है कि दुकानदार बुल गार्ड न लगाएं। मार्केट में जो गाड़ियां बुल गार्ड के साथ चल रही हैं उनके चालकों को भी उसे हटाने को कहा जा रहा है। जल्द ही पुलिस अवैध मोडिफिकेशन का चालान काटना शुरू करेगी।
वाहन चालक उतरवा रहे हैं बुल गार्ड
शहर में अलग-अलग जगह बनी असेसरीज की दुकानों पर लोग अपनी गाड़ियों पर लगे बुल गार्ड उतरवाने आ रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों में एसयूवी और एमयूवी वालों की संख्या ज्यादा है क्योंकि बुल गार्ड लगवाने का चलन इन दोनों सेगमेंट की गाड़ियों पर सबसे ज्यादा है।