सेक्टर- 47 में रहने वाली सुनीता मदान ने लेब्राडोर किस्म का डॉग पाला हुआ है। परिवार के सदस्य इसे जुंबा के नाम से पुकारते हैं। वह अभी सात साल का है। हर साल परिवार धूमधाम से जुंबा का जन्मदिन मनाता है। बीते 24 अगस्त को इसका बर्थ डे मनाया गया था। केक भी काटा गया। वह परिवार के साथ इतना घुलमिल गया है कि अब इसके बिना किसी का मन नहीं लगता। सुनीता ने बताया कि बर्थ डे पर बेटी नहीं थी। वह कनाडा में थी। उसे इतना लगाव है कि उसने जुंबा के लिए बर्थ-डे गिफ्ट के तौर पर जैकेट भेजी है। जुंबा में सूंघने की शक्ति अन्य कुत्तों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
घर के सदस्यों के साथ ही खाना खाती है बिल्ली रानी
सेक्टर- 40 के रहने वाले चेतन भसीन का परिवार भी पशुप्रेमी है। उनके घर पर पार्शियन कैट नाम की एक बिल्ली है, जिसे लोग परिवार के सदस्य क्वीन नाम से बुलाते हैं। चेतन के मुताबिक वह एक पालतू बिल्ली है, जो परिवार में घुल-मिल गई है। अब इसके बिना कोई नहीं रह सकता है। यह सबकी प्यारी है और लोग उससे रानी की तरह व्यवहार करते हैं। इसे पाले हुए साल हो गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह बिल्ली घर के सदस्यों के साथ ही खाना खाती है और उनके साथ सो जाती है।
शार्क और गोल्डन मछलियां बनीं परिवार का हिस्सा
सेक्टर- 21 में रहने वाले विपिन कथूरिया के परिवार को मछलियों से काफी लगाव है। उन्होंने अपने घर पर एक्वेरियम रखा है। इसमें गोल्डन फिश के साथ-साथ शार्क को भी रखा हुआ है। यह शार्क डेढ़ फीट की है। विपिन के मुताबिक गोल्डन फिश काफी लकी मानी जाती है। इसलिए उन्हें एक्वेरियम में रखा गया है। गोल्डन फिश एक ऐसी प्रजाति है जो शॉर्क के साथ घुलमिल जाती है। घर के सभी सदस्य इन मछलियों से काफी प्यार करते हैं। परिवार के सभी सदस्य बारी-बारी से मछलियों को फीड देते हैं। उनके रहने से ऐसा लगता है कि वे भी परिवार का हिस्सा बन चुके हैं।
सेक्टर- 40 के नैंसी व राघव शर्मा अपनी बेटी समायरा की फरमाइश पर गिनी पिग को अपने घर पर लाए हैं। वह दो महीने का हो गया है। बेटी ने इसका नाम मॉयलो रखा है। यह देखने में बहुत खूबसूरत है और स्तनपायी जीव है। इसे तीखे कटर दांतों के लिए जाना जाता है। कई लोग इसके नाम से इसे सुअर का बच्चा समझ लेते हैं। गिनी पिग वैसे तो दक्षिण अमरीका के प्राणी हैं। इसके शरीर पर खरगोश जैसे रोएदार मुलायम बाल होते हैं। यह भूरे और सफेद रंग का है। समायरा उसके साथ खेलती है और इसे अपने से दूर नहीं जाने देती। गिनी पिग को खाने में हरी घास और गाजर, खीरा काफी पंसद है। समायरा रोजाना उसे रोजाना फीड खिलाने से नहीं चूकती।
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