नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के लिए जुटाई जा रही जानकारी में सैकड़ों मकान मालिक और पीजी संचालक सहयोग नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही कुछ आर्मी के परिवार भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे लोगों की सूची तैयारी की जा रही है जो इस काम में सहयोग नहीं दे रहे हैं।
जनगणना विभाग के अनुसार, एनपीआर के बाद जो कार्ड नए साल में लोगों को बनाकर देने है, उनकी कानूनी मान्यता है। मालूम हो कि जब यह मल्टीपर्पज कार्ड आ जाएगा तो लोगों को आधार और राशन कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। बता दें कि शहर में 14 अक्तूबर तक सर्वे होना है।
क्यों नहीं सहयोग दे रहे मकान मालिक
जनगणना विभाग के अनुसार, कुछ मकान मालिक इसलिए जानकारी नहीं दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें भ्रम है कि इससे उनकी आय की जानकारी उजागर हो जाएगी और उन पर हाउस टैक्स अतिरिक्त लग जाएगा। जबकि, पीजी संचालक अपने एरिया में रहने वाले लोगों की जानकारी नहीं देना चाहते हैं क्योंकि शहर में अधिकतर पीजी अवैध हैं। शहर में इस समय केवल आधा दर्जन पीजी ही रजिस्टर्ड हैं। जबकि, आर्मी के परिवार कह रहे हैं कि वह अपनी जानकारी गुप्त रखना चाहते हैं उन्हें पीछे से जानकारी देने की मंजूरी नहीं है।
आधार कार्ड और राशन कार्ड जरूर रखें साथ
जनगणना विभाग के अनुसार, नए कार्ड के साथ आधार और राशन कार्ड के लिंक को भी जोड़ा जाएगा। इसलिए जब कोई कर्मचारी आए तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड और राशन कार्ड जरूर अपने साथ रखें। कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति को अपना आधार कार्ड ही उस समय नहीं मिलता है।
सर्वे में पूछे जा रहे हैं ये 14 सवाल
•आपका नाम
•परिवार में रहने वाले कुल सदस्य और उनके नाम
•पिता का नाम
•मां का नाम
•बच्चों के नाम अगर वह शादी शुदा हैं
•लिंग
•जन्म तारीख
•शादी का स्टेटस
•जन्म स्थान
•राष्ट्रीयता
•वर्तमान पता
•कितनी दिन से यहां पर रहे हैं
•स्थायी पता
•कारोबार
•शिक्षा
शहर के अधिकतर एरिया में मकान मालिक अपने किराएदार की जानकारी देने में संकोच कर रहे हैं और पीजी संचालक भी लोगों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। एक्ट के अनुसार उन पर कार्रवाई का प्रावधान है। 14 अक्तूबर के बाद शहर में दो सेंटर बनाए जाएंगे। जो लोग छूट गए हैं और जिन्होंने अपनी जानकारी नहीं दी है। वह वहां पर आकर एनपीआर में सहयोग करें। जिन लोगों ने जानकारी नहीं दी है उन पर कार्रवाई के लिए डीसी से बात की जाएगी। -
- केएस भटनागर, ज्वाइंट डायरेक्टर, जनगणना विभाग