इसी तरह चंडीगढ़, मोहाली व पंचकूला के स्वास्थ्य निदेशक हफ्ते में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोविड मरीजों के इलाज को लेकर एक समान रणनीति पर चर्चा व योजना तय करेंगे। पीजीआई इन तीनों निदेशकों को कोविड मरीजों के इलाज व अन्य मेडिकल सलाह को लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगा।
हाईकोर्ट से करेंगे मांग- पीजीआई को मिले अतिरिक्त पांच एमटी ऑक्सीजन
बैठक में यह भी तय हुआ कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि पीजीआई में कोविड काल के दौरान इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन सप्लाई का कोटा पांच मीट्रिक टन अलग से दिया जाए, ताकि पीजीआई में ऑक्सीजन की कमी न हो।
बैठक में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि पीजीआई की अगुवाई में चंडीगढ़ न केवल शहरवासियों बल्कि कई राज्यों के मरीजों का अपने यहां इलाज कर रहा है। प्रशासक ने कहा कि वह लगातार पंजाब-हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के संपर्क में रहते हैं, ताकि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए एक साझी रणनीति बन सके।
हरियाणा व पंजाब के मुख्य सचिव और प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की बातों पर सहमति जताई। तीनों अधिकारियों ने कोविड महामारी पर काबू पाने के लिए साझे तौर पर काम करने और एक दूसरे की मदद करने का हर मामले में आश्वासन दिया।