चंडीगढ़। कोरोना महामारी के कारण अस्पतालों की ओपीडी के साथ ही सर्जरी बंद कर देने से हजारों मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनकी समस्या को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण दर कम होने के साथ ही ओपीडी शुरू करने व छोटी सर्जरी (इलेक्टिव सर्जरी) करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि अगले 1 हफ्ते के दौरान अगर संक्रमण दर 100 से नीचे ही बना रहा तो अन्य ओपीडी जैसे नेत्र, दांत, त्वचा का संचालन पहले की तरह शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा सामान्य सर्जरी के मरीजों को सीमित संख्या में बुलाया जाएगा। इससे कोविड- के साथ ही नॉन कोविड मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा छोटी सर्जरी करने से सामान्य बीमारियों से परेशान मरीजों को राहत मिलेगी। इसके अंतर्गत पथरी, हर्निया, ट्यूमर व हड्डी संबंधी ऑपरेशन के मरीजों में रॉड निकालने जैसी प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि महीनों से इंतजार कर रहे मरीजों को राहत मिल सके। इसके अंतर्गत जीएमएसएच-16 के साथ ही मनीमाजरा व सेक्टर 22 के सिविल अस्पताल में मरीजों की कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए सर्जरी की जाएंगी।
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14 महीने से मरीज हैं परेशान
पीजीआई में कोरोना के कारण 2020 से ही स्थिति बेहद खराब चल रही है। 2019 में पीजीआई में जहां 51221 बड़े और 214055 छोटे ऑपरेशन किए गए थे। वहीं 2020 में इसकी संख्या क्रमश: 27950 और 52653 पर पहुंच गई। 2021 में स्थिति और गंभीर है। हजारों की संख्या में होने वाली सर्जरी दो से ढाई हजार पर पहुंच गईं हैं। मौजूदा समय में केवल इमरजेंसी, ट्रामा व गायनी से जुड़े मरीजों की सर्जरी की जा रही है। अन्य सभी ओटी बंद कर दिए गए हैं। वहीं, जीएमसीएच-32 में जहां 1 साल में 15 से 20 हजार सर्जरी हो रही थीं, कोरोना के कारण 2021 में अब तक महज 700 सर्जरी हुई हैं। उधर, जीएमएसएच-16 में सर्जरी का दबाव ज्यादा न होने के बावजूद 90 सर्जरी पेंडिंग हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्जरी शुरू कर देने से मरीजों को कुछ हद तक राहत मिलेगी।