दीपावली से पूर्व प्याज की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सस्ती दरों पर स्टॉल लगाने के लिए प्रशासक ने निर्देश दिए थे। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने इसके बाद पांच स्थानों पर मौलीमाजरां, धनास, मलोया, राम दरबार और मनीमाजरा में नो प्राफिट एंड नो लॉस के स्टॉल लगाए थे। बाद में सेक्टर-26 में भी एक स्टॉल लगाया गया था।
धनास और बुड़ैल के लिए दो मोबाइल वैन के जरिए योजना के तहत प्याज का वितरण किया गया। योजना के तहत विभाग के द्वारा हर परिवार को आधार कार्ड दिखाने पर 32 रुपये की दर से हर सप्ताह दो किलो प्याज का दिया गया। कुछ समय बाद ही प्याज की कीमतें स्थिर होने पर यह स्टॉल बंद कर दिए गए। स्टॉल बंद होने के पीछे का कारण पूछे जाने पर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि यूटी प्रशासन के निर्देश पर ही इन्हें बंद किया गया है।
सेक्टर-26 की मंडी में अभी तक बाहर से आने वाला आयातित प्याज पहुंच नहीं पाया है। डिमांड के अनुरूप प्याज की आवक नहीं होने के कारण रेट पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। -मनोज शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी, चंडीगढ़
ट्राइसिटी की मंडी में इंदौर, राजस्थान और नासिक से ही प्याज आता है। यहां से ही प्याज की कीमत अधिक होने के कारण यहां भी कीमतें बढ़ रही हैं। -अशोक कुमार, प्रधान, स्माल वेजिटेबल वेलफेयर एसोसिएशन