शहर के लोगों को गर्मियों में बिजली की से बचाने के लिए और बेहतर सप्लाई देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन शहर में पॉवर सप्लाई सिस्टम को मजबूत करेगा।
इस संबंध में सोमवार शाम को चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (अपर) की बैठक हुई।
इसमें पॉवर अपग्रेडेशन के 88 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट मंजूर किए गए। अब कमेटी की सिफारिशों को प्रशासक शिवराज पाटिल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
प्रशासन के बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पॉवर सिस्टम के अपग्रेडेशन से गर्मियों में ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले लोड में कमी आएगी, जिससे बिजली कट कम लगेंगे।
बैठक में सेक्टर-26 स्थित डीजल पावर हाउस में 66 केवी का गैस इंसूलेटेड सब स्टेशन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। साथ ही आईटी पार्क ग्रिड सब स्टेशन से अंडरग्राउंड केबल लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।
इस प्रोजेक्ट पर 37 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। इसके अलावा बैठक में सेक्टर-18 स्थित 33 केवी ग्रिड सब स्टेशन को अपग्रेड करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।
इस सब स्टेशन के अपग्रेड होने से सबसे ज्यादा फायदा सेक्टर-18, 21, 22 के निवासियों को होगा। गर्मियों में इस सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर अक्सर बैठ जाता था, जिससे बिजली गुल हो जाती थी।
यहां बिजली की सिर्फ एक ही लाइन आ रही है। इस पर 23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में रायपुर कलां में बन रहे 66 केवी ग्रिड सब स्टेशन के लिए 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन लगाने की मंजूरी भी दे दी गई।
इसके साथ ही सेक्टर-32 से 34 ग्रिड स्टेशन तक 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन विड अंडरग्राउंड केबल लगाने की मंजूरी भी दे दी गई।
इस पर लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस संबंध में चंडीगढ़ प्रशासन के बिजली विभाग के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह ने कहा कि इन चार प्रोजेक्टों से शहर में पॉवर सिस्टम अपग्रेड होगा।
नए सब स्टेशन के बनने से ओवरलोड की समस्या खत्म हो जाएगी। जिससे लोगों को बेहतर सप्लाई मिल सकेगी।