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चंडीगढ़ की इस मार्केट में एंट्री होते ही शुरू हो जाती समस्याएं, देखिए

Wed, 15 Nov 2017 02:52 PM IST
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ की इस सबसे पुरानी मार्केट
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चंडीगढ़ की सबसे पुरानी सेक्टर-32सी और डी की बूथ मार्केट की हालत बहुत खस्ता है। एंट्री करने की देर है कि समस्याएं ही समस्याएं झेलनी पड़ेंगी। कहीं पर सीवरेज के ढक्कन खुले हुए हैं तो कहीं सीवरेज का पानी बाहर ही बह रहा है। यहां तक कि ढंग का कूड़ेदान तक नहीं है। सेक्टर-32डी की बूथ मार्केट में एक शौचालय है लेकिन उसकी भी हालत खराब ही है। सीलन की वजह से उसकी दीवारें बेहद कमजोर हो गई हैं।
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उधर, ढाबा मालिकों ने अवैध तरीके से पार्किंग की जगह पर ही कब्जा जमाया हुआ है। प्रशासन की तरफ से बाजार में लगी लाइटें भी नहीं जलती हैं। यहां पर प्रवेश करने के साथ ही समस्याएं शुरू हो जाती है जिसका यहां पर आने वाले ग्राहक और दुकानदारों को प्रतिदिन सामान करना पड़ता है।

ढाबा मालिकों का अवैध कब्जा
बाजार में पार्किंग की जगह तो है लेकिन वहां पर ढाबा मालिकों का कब्जा है। लोग जहां वाहन पार्क करते वहां पर ढाबा मालिकों ने अवैध तरीके से कुर्सियां और छतरी लगा रखी है। यह कब्जा रात के समय और बढ़ जाता है। यही नहीं पार्किंग के बीचों-बीच 7 साल से एक वैन खड़ी है जिसमें ढाबे का सामान रखा हुआ है। स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि यह वैन सालों से इसी तरह से खड़ी है, ढाबा मालिकों ने इसे अपना स्टोर रूम बनाया हुआ है।
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स्कूलों की वजह से रोजाना लगता है जाम
सेक्टर-32 में कई नामी स्कूल और कॉलेज है जिनमें सेंट एन स्कूल, सौपिंस स्कूल, गर्वनमेंट मॉडल स्कूल, एसडी कॉलेज  शामिल है। इनमें ट्राइसिटी के हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छुट्टी के समय में यहां रोजाना जाम लगता है। स्थानीय लोगों व दुकानदारों की माने तो कोई भी ऐसा दिन नहीं होता जब दोपहर 1 बजे से लेकर 3 बजे तक मार्केट की सड़क जाम न हो। हालात कभी-कभी इस कदर बदतर हो जाते हैं कि जाम खुलवाने के लिए दुकानदारों को सड़क पर उतरना पड़ता है।

सीलन से कमजोर हुआ टॉयलेट, गिरने का खतरा
बाजार में करीब 72 बूथ है जिनमें 200 से अधिक लोग काम करते हैं लेकिन इन सभी के लिए टॉयलेट सिर्फ एक है, उसकी भी हालत बेहद खराब है। बारिश में शौचालय की छत से पानी टपकने लगता है। सीलन की वजह से दीवारें हरे रंग की हो गई हैं। बाजार के दूसरी ओर 22 बूथ हैं जहां एक भी शौचालय नहीं है, मजबूरी में वहां काम करने वाले लोग खुले में ही शौच करते हैं।

गंदगी ही गंदगी
स्वच्छता सर्वेक्षण में अपना नाम चमकाने के लिए नगर निगम एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है लेकिन इसकी हकीकत क्या है, यह आपको सेक्टर-32 के बूथ मार्केट में एंट्री करते ही दिख जाएगी। अंदर से लेकर बाहर सड़कों पर गंदगी ही गंदगी का आलम है।

इसके अलावा कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां इतनी बढ़ चुकी है कि साथ लगते बिजली के खंभे को पूरा कवर कर लिया है। जिस कारण रात के समय लाइट की व्यवस्था भी ठीक नहीं होती है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पिछले काफी समय से यहां पेड़ों की कटिंग नहीं हुई है इसके लिए कई बार संबंधित विभाग को शिकायत की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

हम सर्विस टैक्स समय पर और पूरा जमा करते है, फिर भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पर किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लिखित और मौखिक गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या ज्यों की त्यों की बनी हुई है।
- मनोज कुमार शर्मा, दुकानदार

स्कूल और कॉलेज की वजह से रोजाना जाम लगता है। कई बार इसकी शिकायत की है लेकिन कोई नहीं सुनता। मजबूरी में मार्केट के लोगों को सड़क पर उतर कर जाम खुलवाना पड़ता है। गंदगी बहुत है, मार्केट के सामने गटर है जिसका ढक्कन काफी समय से खुला है।
- रामचंद्र बंसल, दुकानदार

टॉयलेट हर दो-तीन दिन बाद जाम हो जाता है जिससे पानी बाहर ही फैल जाता है। मजबूरी में खुले में ही जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को आती है। रात के समय लाइटें नहीं जलतीं। पार्किंग व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
- किशोर कुमार, महासचिव, बूथ वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-32डी

स्कूलों की वजह से रोजाना जाम लगता है। रोजाना 2 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की यहां तैनाती की जाए ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। टॉयलेट की दीवारों को जल्द दुरुस्त करने की जरूरत है वरना यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है। - जगदीप महाजन, प्रधान, बूथ वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-32डी

टॉयलेट में सीलन के बारे में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है, मुझे आपसे पता लगा है। एरिया में सफाई के लिए हमने टीमें बनाई है, अगर मार्केट में गंदगी की समस्या है तो जल्द उसका समाधान कर दिया जाएगा।
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- गुरप्रीत ढिल्लों, एरिया पार्षद
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