चंडीगढ़। सेक्टर-38 वेस्ट स्थित शाहपुर कॉलोनी के 200 परिवारों की आंखों से नींद गायब हो चुकी है। एसडीएम दक्षिण की तरफ से कॉलोनी को खाली करने का नोटिस दिया गया है। इस नोटिस पर वीरवार को एसडीएम कोर्ट में सुनवाई हुई। लोगों ने अपनी बात रखी और कहा कि उन्हें बिना मकान दिए हटाया गया तो वो कहां जाएंगे।
लोगों का कहना है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने उनके मकान देने के लिए सभी कागज सौंप तो दिए हैं लेकिन मकान नहीं दिए हैं। लोग जब हाउसिंग बोर्ड जाते हैं तो कहा जाता है कि एस्टेट ऑफिस जाओ। एस्टेट ऑफिस जाने पर हाउसिंग बोर्ड जाने को कहा जाता है। इस कारण लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि 30 से भी अधिक वर्षों से वो यहां पर रह रहे हैं। कृषि भूमि पर कब्जा करने का नोटिस जारी कर कॉलोनी को जल्द खाली करने को कहा गया है। हालांकि प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि हाईकोर्ट के स्टे की वजह से कॉलोनी को हटाया नहीं जा सकता। प्रशासन अदालत में केस लड़ रहा है। केस का फैसला आने से पहले प्रशासन नोटिस पीरियड व अन्य तरह की कार्यवाही को पूरा कर लेना चाहता है ताकि हाईकोर्ट का जो भी फैसला आए, उसके तहत आगे की कार्रवाई की जा सके।
जनता कॉलोनी को खाली करने का दिया था आदेश, लोग पहुंचे थे हाईकोर्ट
प्रशासन ने मई 2022 में नोटिस जारी करते हुए सेक्टर-25 की जनता कॉलोनी, को खाली करने को कहा था। इस आदेश के खिलाफ कॉलोनी के लोग हाईकोर्ट पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में 2000 से 2500 कच्चे घर और झुग्गियां हैं। इनमें करीब 4 से 6 हजार लोग रह रहे हैं। सभी करीब दो दशक से यहां रहते हैं और सबका रोजगार दिहाड़ी से चलता है। कहा कि उन्हें हटाने से पहले उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कॉलोनी को तोड़ने पर रोक लगा दी थी। प्रशासन ने शाहपुर कॉलोनी को भी नोटिस दिया तो वो लोग भी हाईकोर्ट चले गए। अब दोनों कॉलोनियों पर हाईकोर्ट का स्टे है।