कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक खतरनाक बताई जा रही है। उसी हिसाब से वैज्ञानिक भी अपने उपकरणों को धारदार बना रहे हैं ताकि बच्चे कोरोना का डटकर मुकाबला कर सकें। केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) ने ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) मास्क का दूसरा नमूना तैयार किया है। इसके जरिए बच्चे अधिक सुरक्षित रह सकेंगे। इसका ट्रायल एक स्कूल में वैज्ञानिकों की टीम ने किया। यह ट्रायल उन बच्चों पर किया गया जो बोल नहीं सकते। इशारों से ही बात करते हैं। इस मास्क को बाजार में उतारने की तैयारी है, जो जून के आखिरी सप्ताह तक आ सकता है। इसके लिए सीएसआईओ का उत्तरप्रदेश की एक बड़ी कंपनी से करार हुआ है।
मास्क आ अगला अपग्रेडेशन अब स्वास्थ्य जगत के लिए होगा
कोरोना से सीधा वास्ता स्वास्थ्य जगत का पड़ता है, जिसमें चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी आते हैं। अब उनके लिए इस मास्क को तैयार किया जाएगा यानी इसका अगला नमूना तैयार जल्द होगा। तैयार होने वाले मास्क में एंटीवायरल कोटिंग का प्रयोग किया जाएगा। अन्य चीजों को भी देखा जाएगा यानी एक मास्क ही महीने तक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह मास्क सबसे अधिक सुरक्षित होगा।
ट्रांसपेरेंट मास्क वायरस से पूरी तरह बचाएगा। बच्चों पर इस मास्क का ट्रायल हो चुका है। बच्चे लगाने के बाद काफी सुरक्षित रहेंगे। यह मास्क जून के आखिर तक बाजार में आ सकता है। इसकी पूरी तैयारी है। उत्तरप्रदेश की एक कंपनी के साथ इसे बनाने के लिए करार हुआ है।