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हिमाचल के होटल फुल, चंडीगढ़ में क्यों हैं सन्नाटा, मायूस कारोबारियों ने बताई अहम वजह

Sun, 27 Dec 2020 02:19 PM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : फाइल फोटो
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नए साल के मौके पर गुलजार रहने वाले चंडीगढ़ के होटल इस बार वीरान पड़े हैं। वहीं, हिमाचल के होटलों में जगह नहीं मिल रही। चंडीगढ़ के होटलों में सिर्फ 20-30 फीसदी की ही बुकिंग है जबकि बीते वर्षों में होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे। बुकिंग नहीं होने से होटल इंडस्ट्री का कारोबार फिर से ठप हो गया है। 

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लॉकडाउन हटने के बाद कारोबारियों को कुछ उम्मीद बंधी थी लेकिन साल का आखिरी महीना उनके लिए फिर से भारी पड़ने लगा है। होटल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पर्यटक चंडीगढ़ नहीं आ रहे हैं। शिमला-मनाली और धर्मशाला जाने वाले पर्यटक चंडीगढ़ भी आते थे। एक दो दिन यहां रुककर वह सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूरती का लुत्फ उठाते थे लेकिन इस बार सबकुछ फीका है। 


क्रिसमस पर भी शहर में भीड़ नहीं देखी गई। होटल कारोबारी इसके लिए अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ से जुड़े बलदेव नारंग का कहना है कि कई कारण हैं, जिससे पर्यटक इस बार नहीं आए। एक तो पंजाब में नाइट कर्फ्यू है। नजदीक होने की वजह से लोगों में यह भी डर है कि कहीं चंडीगढ़ में भी नाइट कर्फ्यू न लग जाए। 

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दूसरी अहम वजह किसान आंदोलन है। इस समय दक्षिण के कई सारे पर्यटक आते थे लेकिन आंदोलन की वजह से वह नहीं आए। ये लोग पहाड़ों में जाने के साथ चंडीगढ़ भी घूमने आया करते थे। कोरोना भी एक वजह है। खासतौर पर ब्रिटेन में आए वायरस के नए अवतार से लोगों में दहशत का माहौल है।

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अरविंदर पाल सिंह ने बताया कि पूरे साल हालात बदतर रहे हैं। साल के आखिरी महीने में उम्मीद बंधी थी लेकिन सख्ती की वजह से पर्यटक नहीं आए। नए साल के मौके पर चंडीगढ़ में ज्यादातर लोग पटियाला, लुधियाना, जालंधर, हिमाचल के अलावा पहाड़ों में जाने वाला वो पर्यटक आता था, जो सड़क के रास्ते जाता था। 

दक्षिण के राज्यों से बसें भर-भरकर आती थीं लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। ऐसा नहीं है कि लोग घूमने नहीं जा रहे। हिमाचल के सभी होटल फुल हैं क्योंकि वहां की सरकार ने ज्यादा सख्ती नहीं की है। कोरोना के बाद चंडीगढ़ में भी सख्ती बढ़ी है। इस वजह से लोग यहां नहीं आना चाहते।

किसान आंदोलन का काफी फर्क पड़ा है
जीरकपुर होटल इंडस्ट्री से जुड़े नरेश गर्ग बॉबी ने बताया कि होटलों के आधे कमरे खाली हैं, जबकि इस मौसम में जगह नहीं मिलती थी। लॉकडाउन के बाद कारोबार अच्छा चलने लगा था। साल के आखिरी सीजन में भी उम्मीद बंधी थी लेकिन सबकुछ फीका है। पर्यटक हैं नहीं। दिल्ली से जो लोग चंडीगढ़ में बिजनेस मीटिंग के लिए आते थे, वे भी आने से बच रहे हैं। रोजाना सैकड़ों लोग दिल्ली से आते थे। कई सारी ट्रेने भी ठप पड़ी हैं। आने-जाने का रास्ता  नहीं है, ऐसे में लोग कैसे आएंगे।
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