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हाथरस केस: भावाधस ने निकाला रोष मार्च, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

Sun, 11 Oct 2020 08:47 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज व विभिन्न अनुसूचित जातियों के संगठनों ने रविवार को हाथरस की घटना के विरोध में रोष मार्च निकाला। रोष मार्च निकालने से पहले सेक्टर-24 के वाल्मीकि मंदिर के पास एकत्र होकर वहां पर सभा की। इस दौरान समाज के नेताओं ने संबोधित भी किया। रोष मार्च धर्म गुरु स्वामी चंद्रपाल अनार्य की अगुवाई में निकाला गया। 

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सभा के बाद रोष मार्च ने गवर्नर हाउस की ओर कूच किया लेकिन सेक्टर-23 और 24 की विभाजित सड़क पर लाइट प्वाइंट के पास ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया। फिर लोग बैरिकेड के पास ही केंद्र और यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को मांग पत्र देने के लिए गया। प्रतिनिधिमंडल में स्वामी चंद्र पाल अनार्य, नरेंद्र चौधरी, कृष्ण चड्ढा, सत्यवान सरोहा, प्रेम पाल चौहान, बबिता, ओम प्रकाश सैनी शामिल थे। 
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                                  धनास में कैंडिल मार्च।

स्वामी चंद्रपाल अनार्य ने मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि खुद को हिंदू संस्कृति के रखवाले बोलने वालों ने परिवार के किसी भी सदस्य की नहीं सुनी और रात के अंधेरे में बिटिया का शव परिवार को दिखाए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया। नरेंद्र चौधरी अध्यक्ष ने कहा कि दोषियों को फांसी की सजा मिले। जिन अधिकारियों ने अपराध में आरोपियों की मदद की है, जांच करके उन पर मामला दर्ज किया जाए।



रोष प्रदर्शन में भावाधस के संयोजक नरेंद्र चौधरी, कृष्ण चड्ढा सफाई कर्मचारी यूनियन, अजय कुमार अध्यक्ष शिवसेना, पंडित राम बहादुर मिश्र अध्यक्ष हिंदू सुरक्षा समिति, जगन राम, लक्ष्मण कांगड़ा, सूरत सिंह, शीला फूल सिंह पार्षद, एचसी कल्याण पूर्व महापौर, ओमपाल चांवर, ज्योति हंस, सुभाष सूद, धर्मेंद्र सूद, अनिल कुमार, अनित बागड़ी, जोनि कुमार, रणबीर बोहत, अमित सिहान, अजमेर सिंह, सुभाष तमोली, रवि अटवाल, मुकेश  कांगड़ा, रविंदर, नवीन कुमार, किरण गहलोत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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