नॉन कोविड मरीजों के इलाज के लिए पीजीआई ने दो नवंबर से ओपीडी खोलने का फैसला लिया है। ओपीडी में मरीजों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। एक ओपीडी में 50 से ज्यादा मरीज नहीं देखे जाएंगे। मरीजों को पहले टेलीफोन के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसका समय सुबह 8 से 9.30 बजे तक रहेगा।
पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ओपीडी के साथ टेलीफोन के माध्यम से मरीजों को परामर्श दिए जाने का सिलसिला भी जारी रहेगा। कोरोना के मामले बढ़ने व घटने पर तय मरीजों की संख्या बढ़ाई व घटाई जाएगी। पीजीआई की ओपीडी बीते मार्च महीने से बंद चली आ रही है। ओपीडी में रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज देखे जाते थे। सर्जरी, इंटरनल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, गाइनी और नेत्र विभाग की ओपीडी रोज चलेगी, जबकि विशेष ओपीडी अपने निर्धारित दिन पर चलेंगी।
ऐसे चलेगी प्रक्रिया
ओपीडी में आने वाले मरीज टेलीफोन के माध्यम से पीजीआई में संपर्क करेंगे। उनकी बात सुनने के बाद पीजीआई डिपार्टमेंट से विचार-विमर्श के बाद मरीज को मैसेज के जरिए सूचना दी जाएगी कि उसे कब और किस वक्त आना है। आने के बाद मरीज को ओपीडी के सामने डॉक्टर स्क्रीन करेंगे। स्क्रीनिंग के बाद ही मरीज ओपीडी में दाखिल हो पाएगा। पीजीआई प्रबंधन ने यह भी तय किया है कि जो मरीज बिना पंजीकरण पहुंचेंगे, उन्हें टेली परामर्श के माध्यम से निपटा दिया जाएगा।
इन नंबरों पर करना होगा फोन
- ओपीडी - 0172-2755991
- आई सेंटर - 0172-2755992
- हृदय सेंटर - 0172-2755993
- पीडियाट्रिक - 0172-2755994