धमाका इतना तेज था कि घर की खिड़कियां, दरवाजे समेत किचन की दीवार ढह गई। हादसे में रोहित और एजेंसी कर्मी नेत्रपाल बुरी तरह झुलस गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस और दमकलकर्मियों को दी गई। मौके पर सेक्टर-17 दमकल विभाग अधिकारी जगतार सिंह टीम के साथ पहुंचे लेकिन तब तक स्थिति सामान्य हो गई थी।
चेहरा और पैर झुलसा
बताया गया कि सिलिंडर में रेगुलेटर बदलने के दौरान वॉल्व में कुछ दिक्कत थी। घर के दरवाजे और खिड़कियों के बंद होने के चलते गैस जमा हो गई। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। रोहित की मां परवीन ने आरोप लगाते कहा कि एजेंसी कर्मी का काम नया लग रहा था। उसने ठीक से इसकी जांच नहीं की है, उसकी वजह से ही सिलिंडर में आग लगी है। खबर लिखे जाने तक रोहित और नेत्रपाल जीएमसीएच-32 में उपचाराधीन थे।
आशंका है कि कमरे में रखे फ्रिज में शार्ट सर्किट होने से धमाका हुआ होगा। अगर कमरे को खोलकर सिलिंडर की जांच की जाती तो शायद हादसा नहीं होता। मामले में टीम जांच कर रही है। - जगतार सिंह, दमकल विभाग अधिकारी, सेक्टर-17।